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बड़ी उपलब्धि: बीएचयू में खुला पहला महायान बौद्ध प्रैक्टिस सेंटर, 10 छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप; जानें खास
Sat, 30 May 2026 11:25 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Sat, 30 May 2026 11:25 AM IST
सार
Varanasi News: बीएचयू में ताइवान की संस्थान ने पहली बार महायान बौद्ध प्रैक्टिस सेंटर तैयार किया। इस सेंटर के खुलने से बौद्ध अध्ययन और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। पहली बार किसी विदेशी बौद्ध संस्था ने भारत में प्रैक्टिस सेंटर खोला है।
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बनारस हिंदी विश्वविद्यालय, BHU
- फोटो : X (@bhupro)
विस्तार
बीएचयू के पालि और बौद्ध अध्ययन विभाग में शुक्रवार को महायान बौद्ध प्रैक्टिस सेंटर की स्थापना हुई। ऐसा पहली बार है कि विदेशी बौद्ध संस्था ने भारत में बौद्ध सेंटर खोला है। इसका पूरा नाम त्जूची महायान बौद्ध प्रैक्टिस सेंटर रखा गया है। इसे भारत में बौद्ध अध्ययन और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है।
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सेंटर बनने के बाद त्जूची फाउंडेशन ने विभाग के 10 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देने की घोषणा कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की मौजूदगी में की। इस सेंटर में बौद्ध दर्शन, करुणा, माइंडफुलनेस, मानवीय मूल्यों और अंतर-सांस्कृतिक शैक्षणिक को बढ़ावा दिया जाएगा। कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि यह केंद्र वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करते हुए बौद्ध विरासत और मूल्यों के संजोएगा। केंद्र के माध्यम से थेरवाद और महायान बौद्ध साहित्य के प्रकाशन, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, व्याख्यानमालाओं, ध्यान कार्यक्रमों सहित कई शैक्षणिक गतिविधियां कराई जाएंगी।
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फाउंडेशन की उपाध्यक्ष पीयू लिन ने आज की दुनिया में दुख और अलगाव से सुरक्षित रखने वाले बौद्ध धर्म के मत को समझाया। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म की करुणा, मैत्री और मानव सेवा की शिक्षा आजकल विश्व की पीड़ा का समाधान दे सकती है। कार्यक्रम में 100 से ज्यादा विदेशी छात्र, भिक्षु, शोधार्थी और विद्यार्थियों ने महायान बौद्ध शिक्षा को जाना।
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धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार यादव ने किया। इस दौरान कला संकाय की अधिष्ठाता प्रो. सुषमा घिल्डियाल, अंतरराष्ट्रीय केंद्र के समन्वयक प्रो. राजेश सिंह, प्रो. सदाशिव द्विवेदी, प्रो. राकेश मैती, प्रो. डीके ओझा, विकास कुमार आदि मौजूद रहे।