आत्म विश्वेश्वर महादेव मंदिर: आग की घटना याद कर सिहर जा रहे लोग, प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई भयावह आपबीती
Varanasi News: वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र स्थित आत्म विश्वेश्वर महादेव मंदिर में आग लगने की घटना से स्थानीय लोग सहमे हुए हैं। वहीं सात घायल लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।
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वाराणसी जिले के चौक थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक आत्म विश्वेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार को आग लगने की घटना को लेकर रविवार को दिनभर चर्चा होती रही। घटना ब्रह्मनाल चौकी अंतर्गत मंदिर के गर्भगृह में हरियाली श्रृंगार और आरती के दौरान हुई थी। हादसे में झुलसे नौ लोगों में से दो को इलाज के बाद घर भेजा गया, जबकि सात का इलाज अभी जारी है।
कैसे लगी आग
घटना के दौरान मौजूद रहे लोगों का कहना है कि आरती का दीपक सजावट में लगी रूई के संपर्क में आने से आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते गर्भगृह धुएं और लपटों से भर गया। मौके पर भगदड़ मच गई, जिसमें मंदिर के मुख्य पुजारी सहित नौ लोग झुलस गए। सभी को तत्काल मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। एक 13 वर्षीय बच्चा 34 प्रतिशत अभी झुलसा है। उसका इलाज चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया आंखों देखा हाल
मंदिर के अर्चक के बेटे शिवम दुबे ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि घटना के समय गर्भगृह में मौजूद थे, आरती करने के बाद दीपक बाहर ले जाते समय रूई में आग लग गई। जगह कम होने के कारण छोटे-छोटे बच्चे भी लपटों की चपेट में आ गए। वहीं चारों तरफ भगदड़ की स्थिति हो गई। स्थानीय लोगों की सूझबूझ से आग पर काबू पाया गया, लेकिन फायर ब्रिगेड करीब दो घंटे बाद पहुंची।
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65 वर्षीय श्रद्धालु मुन्नू लाल यादव ने कहा कि श्रृंगार होने के कारण आरती एक घंटे पहले शुरू की गई थी। गर्भगृह के एक गेट को आरती के दौरान बंद कर दिया जाता है। उसी कोने में हल्की चिंगारी से लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। भीड़ में दबने से सांस फूलने लगी। किसी ने हाथ पकड़ कर बहार निकाला, जिससे जान मुश्किल से बची। घटना का जिक्र करते समय उनके हाथ पैर कांप रहे थे।
स्थानीय निवासी प्रदीप ने बताया कि सप्तऋषि आरती के दौरान कपूर की लौ से रुई में आग लगी। मोहल्लेवासियों ने मंदिर में मौजूद समरसेबल पंप से पानी डालकर करीब 25 मिनट में आग बुझा दी। आग से मंदिर के शीशे, पंखे, लाइट और बोर्ड जलकर खराब हो गए। बाबा का आशीर्वाद था कि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
मंदिर में शुरू हो गया पूजा-पाठ
भोर में पांच बजे आरती के बाद मंदिर को सामान्य दर्शन-पूजन के लिए खोल दिया गया। सुबह आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ने मंदिर पहुंचकर दर्शन किया और घायलों का हालचाल लिया।