Varanasi Fire: रूई से सजाया गया था आत्मविश्वेश्वर महादेव मंदिर, तभी अचानक लगी आग; नौ श्रद्धालु झुलसे
रात 8 बजे सप्तऋषि आरती के दौरान मंदिर परिसर में सजाए गए रूई में आग लग गई। आग ने चंद सेकेंड में ही विकराल रूप ले लिया। आरती के दौरान मंदिर में पुजारी के साथ 30 से अधिक दर्शन आरती मौजूद थे। आग लगने के कारण मंदिर से जैसे तैसे लोग बाहर भेज इस दौरान कई लोग झुलस भी गए।
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वाराणसी जिले के चौक थाना क्षेत्र के संकठा माता मंदिर के पास आत्म विश्वेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार की रात आठ बजे रूई से शृंगार और पूजन के दौरान आग लग गई। आग से नौ लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आग दीपदान की लपटों से लगी थी। झुलसे हुए लोगों को मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन सही इलाज नहीं मिल सका। डीएम सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर सभी घायलों को महमूरगंज के निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां प्लास्टिक सर्जरी की विशेष व्यवस्था है। जरूरत पड़ी तो घायलों की सर्जरी कराई जाएगी।
ये हुआ हादसे के शिकार
आग से झुलसने वालों में सिद्देश्वरगली निवासी बैकुंठ नाथ मिश्रा (21), प्रिंस पांडेय (17), सानिध्य मिश्रा (9), शिवांग मिश्रा (28), कृष्णा, सत्यम पांडेय को देवनारायण पांडेय (13), ऋषि कुमार मिश्रा (38) और बीरेश मिश्रा का इलाज महमूरगंज स्थित निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हादसे की सूचना पाकर यूपी सरकार के राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, जिलाधिकारी और डीसीपी काशी, डीसीपी क्राइम अस्पताल पहुंच गए। इन सबने घायलों का हाल जाना और उचित इलाज के निर्देश दिए। आधे घंटे की आग ने मंदिर परिसर को काला कर दिया।
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मंदिर के पुजारी रविनाथ मिश्रा ने पुलिस को बताया कि हर साल की तरह इस बार भी सावन माह की पूर्णिमा पर आत्म विश्वेश्वर महादेव मंदिर में शृंगार और विशेष पूजा आरती होती है। इस साल मंदिर परिसर को रूई से सजाया गया था। गर्भ गृह में सप्तऋषि आरती के दौरान रात 8 बजे दीपदान बाहर निकाला जा रहा था। मंदिर का गेट छोटा है। दीपदान की लपटों से रूई में आग लग और मंदिर परिसर में फैल गई।
अंदर और बाहर रूई से भव्य सजावट हुई थी। इस कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। मंदिर में अफरा-तफरी मच गई। श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे। इस बीच आग की चपेट में आकर सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए। पुजारी के मुताबिक, जिस वक्त आग लगी थी उस समय मंदिर परिसर में 30 से ज्यादा दर्शनार्थी मौजूद थे।
मंदिर से आग की लपट देख और श्रद्धालुओं की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और झुलसे हुए लोगों को इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा ले गए। सूचना पाकर चौक थाने की पुलिस और फायर ब्रिगेड की बाइक दमकल मौके पर पहुंच गई। इससे पहले ही स्थानीय लोगों ने पानी फेंक कर आग पर काबू पा लिया था। आग से मंदिर सामान जल गया।
तीन मरीज 25 फीसदी तक झुलसे, इनमें विंध्याचल मंदिर के पुजारी भी शामिल
आग से झुलसे सात मरीज भर्ती कराए गए थे। प्राथमिक उपचार किया गया। बेहतर उपचार के लिए बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर और निजी अस्पताल के लिए रेफर किया गया। -डॉ. मृदुला मलिक, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा
सरकारी अस्पतालों में नहीं हैं प्लास्टिक सर्जन
मंडलीय अस्पताल में 20 बेड का वार्ड है लेकिन कोई प्लास्टिक सर्जन नहीं है। डॉक्टर एके प्रधान के सेवानिवृत्त होने के बाद अब तक किसी की तैनाती नहीं हो पाई। बीएचयू अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भी केवल 9 बेड का वार्ड है। यहां भी बनारस के अलावा पूर्वांचल के अन्य जिलों के मरीजों को भी रेफर किया जाता है।