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Fire Accidents: इमारतों में बालू की बाल्टियां, फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर जरूरी; ADG जोन की गाइडलाइन जारी

Sun, 28 Jun 2026 01:58 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 28 Jun 2026 01:58 PM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया ने अग्नि सुरक्षा को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत बहुमंजिला इमारतों में बालू की बाल्टियां, फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, अग्निशमन यंत्र, मुख्य सीढ़ी और वैकल्पिक निकास अनिवार्य होंगे। निर्देशों का उद्देश्य आग लगने की घटनाओं में जन-धन की हानि को कम करना है।

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Fire Accidents Sand buckets fire alarms and smoke detectors mandatory in buildings ADG issues guidelines
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) जोन पीयूष मोर्डिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखनऊ स्थित कोचिंग में आग की घटना के बाद से पुलिस और फायर ब्रिगेड सतर्क है। बचाव के लिए वाराणसी जोन पुलिस ने लोगों के लिए आग से बचाव को लेकर गाइड लाइन जारी की है। अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) जोन पीयूष मोर्डिया ने सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने का सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है। भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

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गाइड लाइन के अनुसार सभी इमारतों में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर और बालू की बाल्टियां अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। आपातकालीन निकास की व्यवस्था भी तय की जाए। बहुमंजिला इमारतों में मुख्य सीढ़ी के अलावा एक वैकल्पिक निकास होना जरूरी है। 
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मुख्य द्वार बाहर की ओर खुलने वाले हों और बालकनी को पूरी तरह ग्रिल से बंद न किया जाए। विद्युत सुरक्षा के लिए विद्युत भार के अनुसार एमसीबी व ईएलसीबी का प्रयोग करें। खुले तारों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। जनरेटर या इन्वर्टर को सुरक्षित स्थान पर रखें। निकास मार्ग हमेशा अवरोध रहित होने चाहिए।

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आग लगने पर क्या करें और क्या न करें : एडीजी ने बताया कि आग लगने की स्थिति में कभी भी लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। यदि तेल से आग लगी हो, तो उस पर पानी बिल्कुल न डालें। ऐसी आग को बुझाने के लिए बालू, मिट्टी या उपयुक्त अग्निशमन यंत्र का ही प्रयोग करें। भवन में आग लगने पर घबराकर छलांग न लगाएं। सुरक्षित मार्ग और आवश्यकता पड़ने पर गीले कपड़े का सहारा लें। यदि किसी व्यक्ति के कपड़ों में आग लग जाए, तो उसे दौड़ने न दें। उसे कंबल ओढ़ाकर या जमीन पर लौटने के लिए प्रेरित करें।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष निर्देश : गर्मी के मौसम में गांवों के सूखे तालाबों को ट्यूबवेल या नहर के पानी से भरवाया जाए।  एडीजी जोन ने नागरिकों से इन नियमों के प्रति खुद भी जागरूक होने की अपील की है। साथ ही, दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबरों फायर ब्रिगेड 101, एंबुलेंस सेवा 108, पुलिस के लिए डायल-112 पर सूचना देने को कहा गया है।

घरेलू और सामान्य सावधानियां
एडीजी जोन ने बताया कि घरों में रसोई में भोजन बनाने के बाद गैस रेगुलेटर और बिजली के उपकरणों को अवश्य बंद कर दें। जलती हुई बीड़ी, सिगरेट या माचिस की तीली को पूरी तरह बुझाए बिना न फेंकें। पूजा, हवन या दीपक की अग्नि को भी पूरी तरह बुझाने के बाद ही स्थान छोड़ें। माचिस, लाइटर और पटाखों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें। खलिहान या फूस के मकान रेलवे लाइन से कम से कम 400 फीट की दूरी पर बनाए जाएं। बिजली की लाइन या ट्रांसफार्मर के ठीक नीचे खलिहान न बनाएं।

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