UP: इंस्टाग्राम पर चिकन के कपड़ों की ऑनलाइन बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी में FIR, 10 संदिग्ध नंबर मिले थे; जांच
Varanasi News: वाराणसी में इंस्टाग्राम पर चिकन के कपड़ों की ऑनलाइन बिक्री के नाम पर एडवांस भुगतान लेकर ठगी करने के मामले में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है। जांच के दौरान 10 संदिग्ध आईएमईआई नंबर मिले। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी इश्तेयाक एन नहुसीन की भूमिका की जांच तेज कर दी है।
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Varanasi Crime: इंस्टाग्राम पर चिकन के कपड़ों की ऑनलाइन बिक्री के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी इश्तेयाक एन नहुसीन के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी पर भारी छूट का झांसा देकर ग्राहकों से एडवांस भुगतान लेने और सामान न भेजकर हजारों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
साइबर क्राइम प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि इश्तेयाक इंस्टाग्राम पर चिकन के कपड़ों की बिक्री के आकर्षक विज्ञापन पोस्ट करता था। विज्ञापनों से प्रभावित होकर लोग ऑनलाइन ऑर्डर करते थे और एडवांस भुगतान कर देते थे। इसके बाद आरोपी न तो सामान भेजता था और न ही रुपये वापस करता था। उपनिरीक्षक संजीव कुमार कनौजिया की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच के दौरान पुलिस को 10 संदिग्ध आईएमईआई नंबर मिले। इनमें से एक आईएमईआई नंबर की समन्वय पोर्टल पर जांच करने पर पता चला कि उससे संबंधित साइबर धोखाधड़ी की पहले से दो शिकायतें दर्ज हैं। पहली शिकायत आईमान रऊफ ने 15,500 रुपये और दूसरी शिकायत वैभव गुप्ता ने 20,000 रुपये की ठगी को लेकर दर्ज कराई थी। इस तरह कुल 35,500 रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया।
पुलिस ने मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सर्विलांस के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। मोबाइल की लोकेशन चंदौली के धानापुर क्षेत्र में मिलने पर पुलिस ने आसिफ खान को हिरासत में लिया। उसके पास से संबंधित मोबाइल फोन बरामद हुआ। पूछताछ में आसिफ ने बताया कि उसने यह फोन अपने पड़ोसी फैसल से खरीदा था।
फैसल ने पुलिस को बताया कि उसने यह मोबाइल भेलूपुर स्थित 'मिलन एंटरप्राइजेज' से खरीदा था। उसने मोबाइल का बिल और बॉक्स भी पुलिस को सौंप दिया। दुकान संचालक नवीन गुप्ता ने बताया कि यह फोन 17 जून 2026 को इश्तेयाक ने खरीदा था और खरीदारी के दौरान आधार कार्ड की प्रति भी जमा कराई थी। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।