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फादर्स डे: पत्नी का कैंसर से हुआ निधन तो संभाल ली बेटियों की जिम्मेदारी, पढ़ें कंप्यूटर ऑपरेटर संजय की कहानी

Sun, 15 Jun 2025 05:47 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 15 Jun 2025 05:47 AM IST
सार

वाराणसी के संजय श्रीवास्तव और महेश यादव पिता होने का फर्ज पूरी तरीके से निभा रहे हैं। संजय अपनी पत्नी के निधन के बाद से ही बेटियों को कभी भी मां की कमी नहीं होनी दी। वहीं, महेश अपने बच्चों को खेल में आगे बढ़ा रहे हैं। आइए जानते हैं इनकी कहानी...

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Father's Day his wife died of cancer he took responsibility of daughters story of computer operator Sanjay
बेटियों के साथ संजय श्रीवास्तव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समाज कल्याण विभाग में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर संजय श्रीवास्तव अपनी पत्नी के देहांत के बाद दो बेटियों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। रिश्तेदारों और मित्रों ने उन्हें दूसरी शादी करने की प्रेरणा दी, लेकिन उन्होंने बेटियों के पालन पोषण को ही अपना कर्तव्य माना।

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संजय अपनी दो बेटियों को काबिल बनाना चाहते हैं। उनकी पत्नी का देहांत 19 जनवरी 2024 को कैंसर की बीमारी से हो गया था। घर के एक सदस्य की मौत के बाद पूरा परिवार टूट गया था। उन्होंने किसी तरह खुद को और परिवार को संभाला। 
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उनकी दो बेटियां स्तुति (18 वर्ष) और श्रृष्टि (10 वर्ष) पढ़ाई कर रही हैं। बड़ी बेटी स्तुति ने इस साल 87 फीसदी अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा पासकर बीसीए में एडमिशन लिया है। वह आई टी सेक्टर में अपना कॅरिअर बनाना चाहती है। छोटी बेटी श्रृष्टि अभी पांचवी कक्षा में है।

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गांव से 12 किलो मीटर दूर स्टेडियम लेकर जाते हैं महेश यादव
पुआरी कला के बेदी गांव निवासी महेश यादव की मेहनत का ही नतीजा है कि उनके तीनों तीन बच्चे एथलेटिक्स में काशी का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीनों बच्चों को रोज सुबह-शाम 12 किलोमीटर दूर लालपुर स्टेडियम लाते और ले जाते थे। उनके दो बच्चे गुड़िया और अमन खेल छात्रावास में हैं, जबकि एक बेटी शिवांगी लालपुर में अभ्यास करती है। 

स्टेडियम से उनके घर की दूरी 12 किमी है। वह रोज पिता के साथ साइकिल चलाकर स्टेडियम में अभ्यास करने जाती हैं। महेश ने बताया कि उनका सपना अपने बच्चों को ओलंपिक तक पहुंचाने का है। दोनों बेटियां लालपुर स्टेडियम में एथलेटिक्स कोच चंद्रभान यादव की देखरेख में अभ्यास करती हैं। शिवांगी का भाई अमन यादव भी 200 और 400 मीटर दौड़ में भाग लेता है।

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