फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   father died before daughter wedding in varanasi amid uttar pradesh gram panchayat chunav in coronavirus crisis

कोरोना काल: बेटी की डोली विदा करने से पहले पंचायत चुनाव ने ले ली बाबुल की जान

Tue, 01 Jun 2021 12:13 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 01 Jun 2021 12:13 PM IST
सार

कोरोना काल में हुए पंचायत चुनाव ने वाराणसी में एक बेटी की शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। बेटी की शादी के लिए पिता ने जो सपने देखे थे, वो एक पल में बिखर गए। 27 अप्रैल को जो पिता बेटी का कन्यादान करने वाला था वो 24 अप्रैल को दुनिया छोड़ गया। 

विज्ञापन
father died before daughter wedding in varanasi amid uttar pradesh gram panchayat chunav in coronavirus crisis
उमरहा इंटर कॉलेज के प्राचार्य विजय कुमार का परिवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिस घर में खुशियों का माहौल था, बरात आने वाली थी, बेटी के हाथ पीले होने वाले थे। उस घर से पिता की अर्थी उठी। कोरोना काल में हुए पंचायत चुनाव ने एक बेटी की शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। बेटी की शादी के लिए पिता ने जो सपने देखे थे, वो एक पल में बिखर गए। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

विज्ञापन


27 अप्रैल को जो पिता बेटी का कन्यादान करने वाला था वो 24 अप्रैल को दुनिया छोड़ गया।  माध्यमिक शिक्षा विभाग में उमरहा इंटर कॉलेज के प्राचार्य विजय कुमार सिंह की पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगी थी। 18 अप्रैल को ही विजय पोलिंग पार्टियों के साथ चिरईगांव ब्लाक के शंकरपुर गांव में बने मतदान केंद्र गए थे।
विज्ञापन


19 अप्रैल को मतदान के दौरान उन्हें बुखार हुआ और वह मतदान केंद्र पर ही बेहोश हो गए। बेटे विशाल ने बताया कि 19 अप्रैल को मतदान केंद्र से फोन आया कि पिताजी की तबीयत खराब हो गई है। इसके बाद मैंने अपने दोस्तों से बात की और मतदान केंद्र पर जाकर पिताजी को लेकर अस्पताल के लिए निकला। बेहोशी की हालत में हमने उन्हें बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया।

विज्ञापन
विज्ञापन

चिकित्सक ने उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी। लेकिन अस्पताल में वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं हो पाया। दोस्तों के साथ मिलकर कई जगह वेंटिलेटर की व्यवस्था करने की कोशिश की, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। पिताजी का ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता जा रहा था, जिसकी वजह से 24 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई। 

विजय कुमार सिंह के बेटे विशाल ने कहा कि   मृतक आश्रित के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग में नौकरी के लिए आवेदन किया है। विभाग ने मेरे स्नातक योग्यता देखते हुए क्लर्क की नौकरी देने की बात कही है।

चुनाव से पहले लगा था टीका

विशाल बताते हैं कि चुनाव के कुछ दिन पहले पिता जी को कोरोना टीकाकरण के तहत पहली डोज भी लग चुकी थी, इसके बाद से ही उन्हें बुखार आ रहा था। पिता की मौत ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बहन की शादी की खुशियां मातम में बदल ही चुकी हैं, उनकी कमी हमारे परिवार को हमेशा खलती रहेगी। घर की सारी जिम्मेदारी अब मुझपर आ गई है। पिता की मौत के बाद बहन की शादी टल गई।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed