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किसानों को फसलों की सुरक्षा की जगी उम्मीद

Thu, 10 Feb 2022 01:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 01:27 AM IST
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Farmers hope for the safety of crops
वाराणसी। किसानों की फसलों की सुरक्षा की उम्मीद अब जगी है। छुट्टा पशुओं को गो आश्रय स्थलों में भेजने के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम के 8765957939 मोबाइल नंबर पर 24 घंटे फोन कर छुट्टा पशुओं की सूचना दी जा सकती है।
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जिले में छुट्टा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। किसान की फसलों को छुट्टा पशु नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे परेशान होकर कई किसानों ने खेती करना छोड़ दिया। किसानों की समस्या को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में कंट्रोल और समन्यवक तैनात किए गए, लेकिन वाराणसी में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इसकी खबर छह फरवरी को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित की गई। इसके तीन बाद प्रशासन की नींद टूटी। बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने छुट्टा पशुओं को गो आश्रय में संरक्षित कराए जाने के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूम की स्थापना की है। कंट्रोल रूम का प्रभारी अपर सांख्यिकीय अधिकारी त्रिलोकी नाथ सिंह चौरसिया को बनाया गया है। इसके साथ ही कंट्रोल रूम के 8765957939 मोबाइल नंबर को 24 घंटे प्रतिक्रिया देने के लिए तीन पालियों में तैनात किया गया है। पशु चिकित्सालय रामनगर के अभिषेक कुमार सिंह को प्रथम पाली (सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक), काशी विद्यापीठ पशु चिकित्सालय के शुभम श्रीवास्तव को दूसरी पाली (दोपहर दो बजे से रात 10 बजे तक) और बीएचयू पशु चिकित्सालय के मनीष कुमार पटेल को तीसरी पाली (रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक) के लिए तैनात किया गया है।
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हादसे का कारण भी बन रहे छुट्टा पशु
छुट्टा पशु सड़क और हाईवे पर भी हादसे का कारण बन रहे हैं। रात में अक्सर पशु सड़क पर आ जाते हैँ। इससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। इस व्यवस्था से दुर्घटना में भी कमी आएगी।
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इनसेट
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायत के बाद छुट्टा पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी वीडीओ और पशुचिकित्सा अधिकारी को दी गई। इसके लिए ब्लाक स्तर पर टीम गठित की गई है, जो छुट्टा पशुओं को पकड़कर पशु आश्रय केंद्रों तक पहुंचाने की कार्रवाई करेंगे। इनके अलावा शहरी क्षेत्र से आने वाली शिकायतों के मामलों को नगर निगम को स्थानांतरित किया जाएगा।
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