यूपी : धागे की कमी से यहां रोक दी गई गेहूं की खरीद, लाइन में लगे 188 किसान हुए मायूस
पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर महीने भर में हुई गेहूं खरीद का नहीं हुआ भुगतान
बुधवार तक कुल 431 किसानों से 1541 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अभी तक महीने भर से बोरे की कमी, चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की कमी, सत्यापन की समस्या से गेहूं खरीद में रुकावट आ रही थी। मगर बुधवार को वाराणसी में एक नई मुसीबत सामने आई। चोलापुर क्रय केंद्र पर धागा खत्म होने से खरीद रोकनी पड़ी। धागे से गेहूं से भरे बोरो की सिलाई होती है। धागे खत्म होने से कतार में लगे सैकड़ों किसानों की गेहूं खरीद रुक गई।
केंद्र प्रभारी जितेंद्र यादव ने बताया कि 188 किसान गेहूं बिक्री के लिए कतार में हैं। जिनमें से अभी तक 40 किसानों से 1551 क्विंटल खरीद हुई है। मगर बोरा और धागे की कमी से फिलहाल खरीद बंद करनी पड़ी है। हालांकि बोरे के लिए विभागीय अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। मगर लाकडाउन के कारण दुकानें बंद होने से धागा मिलना मुश्किल हो गया है। जिससे खरीद रोकनी पड़ी है।
मंडलीय खाद्य रसद विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रादेशिक को- आपरेटिव फेडरेशन (पीसीएफ) क्रय केंद्रों पर महीने भर में हुई गेहूं खरीद के बाद किसी भी किसान का भुगतान नहीं हुआ। बुधवार तक कुल 431 किसानों से 1541 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। जिसमें विपणन विभाग के 12 केंद्रों बिक्री करने वाले 91 किसानों 31.89 लाख रुपये का भुगतान हुआ। जबकि पीसीएफ के 19 क्रय केंद्रों पर बिक्री करने वाले 285 से अधिक किसानों का 72 घंटे में तो दूर एक महीने से भुगतान ही नहीं हुआ।
अभी हाल ही में मुख्यमंत्री ने वर्चुवली किसानों से गेहूं खरीद को लेकर बातचीत की थी। लेकिन क्रय केंद्र प्रभारी हकीकत छिपाए रहे। भुगतान के बारे में जिला विपणन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि पीसीएफ द्वारा गेहूं खरीद का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जो पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) जुडऩे में समस्या आ रही जिसका निस्तारण बृहस्पतिवार तक कर लिया जाएगा।