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CAA : मम्मी-पापा की रिहाई के लिए नन्हीं चंपक पहुंची पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय

Mon, 30 Dec 2019 06:34 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 30 Dec 2019 06:34 PM IST
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Family reached pm modi office sumits memorandum to released activist parent arrest protest caa
दादी और बड़ी मां के साथ चंपक। - फोटो : अमर उजाला।
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने वाले एकता और रवि शेखर 19 दिसंबर से जेल में बंद हैं। दोनों की बेटी सवा साल की चंपक उनके बिना परेशान है। इस दौरान बच्ची की दादी शीला तिवारी, बड़ी मां देबोरिता, बुआ शुभांगी सोमवार को पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय रविंद्रपुरी पहुंची। जहां उन्होंने ज्ञापन सौंपा और एकता व रवि शेखर की रिहाई की मांग की है।
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दादी ने बताया कि उनके पुत्र रवि शेखर और पुत्रवधू एकता शेखर पर्यावरण की बेहतरी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्त्ता हैं। ये दोनों पिछले एक दशक से लगातार शांतिपूर्ण आंदोलन-प्रदर्शन में शामिल होते रहे हैं, लेकिन कभी इनका नाम हिंसक गतिविधि में नहीं आया। उस दिन भी शांति-पूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे।
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बच्ची के माता-पिता एकता और रवि शेखर 19 दिसंबर को बेनियाबाग पर आयोजित शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुए थे लेकिन पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। डॉक्टर के अनुसार ठंड की एलर्जी से बचाने के लिए चंपक को दूध पिलाने के लिए उसकी मां के पास हम जेल भी नहीं ले जा सकते हैं। उसकी तबियत खराब हो गई है।
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सामाजिक कार्यकर्ता दंपति रवि शेखर और एकता शेखर की बच्ची चंपक की देखभाल की जिम्मेदारी बड़ी मां, बड़े भाई और दादी पर आ गई है। बड़ी मां देबोरिता ने बताया कि अपने माता-पिता के बिना चंपक बेहद परेशान है और हम घर-परिवार के लोग चाहकर भी उसकी परेशानी दूर नहीं कर पा रहे हैं। चंपक किसी सदमे या बीमारी की चपेट में आए, उससे पहले जरूरी है कि कम से कम उसकी मां को मानवीय आधार पर अपनी बच्ची की देख-रेख के लिए जेल से रिहा किया जाए।

ये है मामला

वाराणसी के बेनियाबाग में 19 दिसंबर को नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में जनसभा आयोजित हुई थी। बेनिया मार्ग पर सैकड़ों लोगों ने जब प्रदर्शन शुरू किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और नारेबाजी कर धारा 144 का उल्लंघन किया। इसी मामले में रवि शेखर, एकता शेखर सहित 56 लोगों को विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया गया।

ये है मामला
वाराणसी के बेनियाबाग में 19 दिसंबर को नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में जनसभा आयोजित हुई थी। बेनिया मार्ग पर सैकड़ों लोगों ने जब प्रदर्शन शुरू किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और नारेबाजी कर धारा 144 का उल्लंघन किया। इसी मामले में रवि शेखर, एकता शेखर सहित 56 लोगों को विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया गया।

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