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पुरस्कार पाकर छलक पड़ीं आंखें
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 07 Sep 2015 02:23 AM IST
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लाख मुश्किलें आएं तो क्या, अपने दम पर इस दुनिया में मुकाम बनाया जा सकता है। कुछ इसी जज्बे के साथ ही पूनम राय ने विषम परिस्थितियों का सामना कर अपना एक अलग मुकाम हासिल किया। उत्पीड़न का शिकार हुईं पूनम राय को उनके पति ने घर की छत से नीचे धकेल लिया।
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इस वजह से वो दोनों पैरों से विकलांग हो गईं लेकिन उन्होंने अपना हौसला नहीं छोड़ा। जिंदगी के सफर में आगे बढ़कर उन्होंने खुद को साबित किया। अपने शौक को हुनर बनाकर आगे बढ़ीं। रविवार को जब इस हस्ती को सम्मानित किया गया तो जहां पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा, वहीं सम्मान पाकर पूनम राय की आंखें छलक पड़ीं। हौसलाअफजाई का शुक्रिया भी तहे दिल से किया।
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रविवार को नारी जागरण की ओर से ऐसी ही 21 महिलाओं को ‘मातृ शक्ति’ सम्मान से नवाजा गया। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री सुनील बंसल, विशिष्ट अतिथि बिरहा सम्राट हीरालाल यादव, विधान परिषद सदस्य लक्ष्मण आचार्य, डा. अन्नपूर्णा शुक्ला ने समाज में अलग मकाम बनाने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
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हर एक हस्ती ने अपनी एक मिसाल पेश कर समाज में अपनी एक अलग जगह बनाई है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुनील बंसल ने कहा कि कोई भी समाज तभी समृद्ध होता है जब वहां की नारी सशक्त होती है। भारत में जब जब नारी सशक्त रही है, देश मजबूत रहा।
मुगल काल में स्थिति उलट थी लेकिन वर्तमान परिवेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी के सम्मान और उसकी सुरक्षा के लिए बड़ा काम किया है। इसका उदाहरण रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में शुरू किए गए सुरक्षा बीमा योजना के तहत अब तक 10 करोड़ बहनों का बीमा कराया जा चुका है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाई, सुकन्या समृद्धि योजना से भी महिलाओं को सशक्त किया जा रहा है। अध्यक्षता करते हुए पद्मश्री हीरालाल यादव ने कहा कि दहेज, कन्या भ्रूण हत्या ये सारी कुप्रथाएं आधुनिक समाज की देन है। हमें प्राचीन संस्कृति की ओर लौटना होगा, जहां नारी का सम्मान होता है। स्वागत अशोक चौरसिया ने किया। संचालन डा. उत्तम ओझा व नारी जागरण पत्रिका की संपादक मीना चौबे ने किया।