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Varanasi News: कैंसर की दवा खोजने में सहयोग करेगा आयुर्वेद संकाय
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टाटा कैंसर अस्पताल के सदस्य ने की बीएचयू आयुर्वेद संकाय के डॉक्टरों संग चर्चा
आधुनिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद चिकित्सा के सहयोग से लाई जा सकती है मृत्यु दर में कमी
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। कैंसर की औषधि खोजने में बीएचयू आयुर्वेद संकाय टाटा कैंसर अस्पताल का सहयोग करेगा। डॉक्टरों का कहना है कि आधुनिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद चिकित्सा के सहयोग से मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। टाटा कैंसर अस्पताल के गवर्निंग बॉडी के सदस्य व महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मुख्य सचिव जयंत कुमार भांटिया ने शुक्रवार को संकाय का भ्रमण किया और भविष्य की कार्ययोजना का खाका भी खींचा।
शुक्रवार को टाटा कैंसर अस्पताल के गवर्निंग बॉडी के सदस्य ने आयुर्वेद संकाय प्रमुख प्रो. केएन द्विवेदी से की। उन्होंने विभागों में कैंसर एवं जीवन शैली से संबंधित महारोगों पर आयुर्वेद की औषधियों की उपयोगिता एवं संभावनाओं पर चर्चा की। प्रो. द्विवेदी ने कैंसर से संबंधित शोध कार्य के बारे में अवगत कराते हुए आयुर्वेद संकाय का भ्रमण कराया। उन्होंने आश्वस्त कराया कि इस रोग से बचाव एवं चिकित्सा के लिए जो भी सहयोग आयुर्वेद से अपेक्षित है हमारा संकाय बढ़ चढ़कर भागीदारी करेगा। भांटिया ने कहा कि वर्तमान में कैंसर वृहद रूप लेता जा रहा है। यदि इस पर समय से शोध एवं डाटा एकत्र नहीं किया होगा तो समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ेगा। कैंसर के लिए आयुर्वेदिक औषधियों की खोज होने की वर्तमान में अत्यंत आवश्यकता है। आधुनिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद चिकित्सा को मिलकर शोध करना चाहिए। वैद्य सुशील कुमार दुबे ने आयुर्वेदिक कैंसर रोधी औषधियों का परिचय कराया। इस दौरान डॉ. अनिल कुमार, डॉ. राजकिशोर, डॉ. विनय सेन, प्रो. भुवाल राम, डॉ. भोलानाथ मौर्य आदि मौजूद रहे।
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आधुनिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद चिकित्सा के सहयोग से लाई जा सकती है मृत्यु दर में कमी
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। कैंसर की औषधि खोजने में बीएचयू आयुर्वेद संकाय टाटा कैंसर अस्पताल का सहयोग करेगा। डॉक्टरों का कहना है कि आधुनिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद चिकित्सा के सहयोग से मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। टाटा कैंसर अस्पताल के गवर्निंग बॉडी के सदस्य व महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मुख्य सचिव जयंत कुमार भांटिया ने शुक्रवार को संकाय का भ्रमण किया और भविष्य की कार्ययोजना का खाका भी खींचा।
शुक्रवार को टाटा कैंसर अस्पताल के गवर्निंग बॉडी के सदस्य ने आयुर्वेद संकाय प्रमुख प्रो. केएन द्विवेदी से की। उन्होंने विभागों में कैंसर एवं जीवन शैली से संबंधित महारोगों पर आयुर्वेद की औषधियों की उपयोगिता एवं संभावनाओं पर चर्चा की। प्रो. द्विवेदी ने कैंसर से संबंधित शोध कार्य के बारे में अवगत कराते हुए आयुर्वेद संकाय का भ्रमण कराया। उन्होंने आश्वस्त कराया कि इस रोग से बचाव एवं चिकित्सा के लिए जो भी सहयोग आयुर्वेद से अपेक्षित है हमारा संकाय बढ़ चढ़कर भागीदारी करेगा। भांटिया ने कहा कि वर्तमान में कैंसर वृहद रूप लेता जा रहा है। यदि इस पर समय से शोध एवं डाटा एकत्र नहीं किया होगा तो समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ेगा। कैंसर के लिए आयुर्वेदिक औषधियों की खोज होने की वर्तमान में अत्यंत आवश्यकता है। आधुनिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद चिकित्सा को मिलकर शोध करना चाहिए। वैद्य सुशील कुमार दुबे ने आयुर्वेदिक कैंसर रोधी औषधियों का परिचय कराया। इस दौरान डॉ. अनिल कुमार, डॉ. राजकिशोर, डॉ. विनय सेन, प्रो. भुवाल राम, डॉ. भोलानाथ मौर्य आदि मौजूद रहे।
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