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Varanasi News: जीत से खिले चेहरे तो, हार से छाई मायूसी
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नगर निकाय चुनाव के दौरान जीत से चेहरे खिल रहे थे तो हार से मायूसी भी नजर आ रही थी। वार्ड पार्षदों का परिणाम जैसे-जैसे आने शुरू हुए तो हर किसी की धड़कनें बढ़ गईं। पार्टी समर्थकों के साथ ही पार्षद उम्मीदवार हर राउंड की गिनती का मिलान करते नजर आ रहे थे।
शनिवार को सुबह आठ बजे से मतगणना आरंभ हुई लेकिन पहला परिणाम आने में तीन घंटे से अधिक का समय लग गया। पहले जीतने वाले उम्मीदवार वार्ड नंबर 36 चौकाघाट के निर्दल प्रत्याशी अमित मौर्या रहे। जैसे ही परिणाम की घोषणा हुई तो उनके साथ ही समर्थकों के चेहरे भी खिल उठे। इसके बाद एक-एक करके वार्ड के परिणाम आने का सिलसिला शुरू हो गया।
प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ा
तमाम विजेता ऐसे रहे, जिन्हें प्रमाणपत्र के लिए भटकना पड़ा। कभी गेट नंबर एक तो कभी गेट नंबर तीन पर उनको दौड़ाया जा रहा। जीते हुए प्रत्याशियों ने परेशान होकर अधिकारियों से इसकी शिकायत की तो पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने गेट नंबर एक पर पहुंचकर उम्मीदवारों को अंदर प्रवेश दिलाया और जीत के प्रमाणपत्र का इंतजाम कराया। जीतने वाले जहां खुश नजर आ रहे थे तो हारने वालों के चेहरे पर मायूसी साफ नजर आ रही थी। हार की घोषणा के बाद थके हुए कदमों से समर्थक भी धीरे-धीरे लौटने लगे थे। तीन बजे तक गेट नंबर तीन पर जमा भीड़ छंटने लगी थी। शाम पांच बजे तक अधिकांश सीटों पर जीत की घोषणा के बाद मतगणना केंद्र के बाहर बस इक्का दुक्का लोग व सुरक्षाकर्मी ही नजर आ रहे थे।
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शनिवार को सुबह आठ बजे से मतगणना आरंभ हुई लेकिन पहला परिणाम आने में तीन घंटे से अधिक का समय लग गया। पहले जीतने वाले उम्मीदवार वार्ड नंबर 36 चौकाघाट के निर्दल प्रत्याशी अमित मौर्या रहे। जैसे ही परिणाम की घोषणा हुई तो उनके साथ ही समर्थकों के चेहरे भी खिल उठे। इसके बाद एक-एक करके वार्ड के परिणाम आने का सिलसिला शुरू हो गया।
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प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ा
तमाम विजेता ऐसे रहे, जिन्हें प्रमाणपत्र के लिए भटकना पड़ा। कभी गेट नंबर एक तो कभी गेट नंबर तीन पर उनको दौड़ाया जा रहा। जीते हुए प्रत्याशियों ने परेशान होकर अधिकारियों से इसकी शिकायत की तो पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने गेट नंबर एक पर पहुंचकर उम्मीदवारों को अंदर प्रवेश दिलाया और जीत के प्रमाणपत्र का इंतजाम कराया। जीतने वाले जहां खुश नजर आ रहे थे तो हारने वालों के चेहरे पर मायूसी साफ नजर आ रही थी। हार की घोषणा के बाद थके हुए कदमों से समर्थक भी धीरे-धीरे लौटने लगे थे। तीन बजे तक गेट नंबर तीन पर जमा भीड़ छंटने लगी थी। शाम पांच बजे तक अधिकांश सीटों पर जीत की घोषणा के बाद मतगणना केंद्र के बाहर बस इक्का दुक्का लोग व सुरक्षाकर्मी ही नजर आ रहे थे।
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