फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   existence of varanasi police commissionerate finger print office in danger due to negligence of officers and mismanagement

वाराणसी: पुलिस कमिश्नरेट के फिंगर प्रिंट कार्यालय में बदहाली के दाग,अफसरों की अनदेखी और अव्यवस्था की वजह से खतरे में अस्तित्व

Wed, 22 Sep 2021 05:24 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 22 Sep 2021 05:24 PM IST
सार

वाराणसी जिलाधिकारी परिसर स्थित अंगुष्ठ छाप कार्यालय में पीपल के पेड़ जम गए हैं तो वहीं बारिश में छत भी टपकती है। कई बार फाइलें भीग जाती हैं। 
 

विज्ञापन
existence of varanasi police commissionerate finger print office in danger due to negligence of officers and mismanagement
पुलिस कमिश्नरेट का फिंगर प्रिंट कार्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय से सटे अंगुष्ठ छाप (फिंगर प्रिंट) कार्यालय का अस्तित्व अब खतरे में है। 95 साल पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। अफसरों की अनदेखी और अव्यवस्था के चलते कार्यालय कभी भी ढह सकता है। जिलाधिकारी परिसर स्थित अंगुष्ठ छाप कार्यालय में पीपल के पेड़ जम गए हैं तो वहीं बारिश में छत भी टपकती है। कई बार फाइलें भीग जाती हैं। 

विज्ञापन


यहां सजायाफ्ता अभियुक्तों के फिंगर प्रिंट सुरक्षित रखे जाते हैं। इस ऑफिस से जो फिंगरप्रिंट लिए जाते है वह जांच के लिए एकांकी ब्यूरो लखनऊ भेज दिए जाते हैं। फिर दिल्ली स्थित दशांकी ब्यूरो भेजा जाता है जहां रिकार्ड सुरक्षित रहता है। जब कोई बड़ा अपराधी देश में कहीं पकड़ा जाता है तब लिए गए अंगुष्ठ छाप से शिनाख्त की जाती है।
विज्ञापन


इस ऑफिस से जुड़े लोग घटनास्थल पर भी जाकर फिंगर प्रिंट लेते हैं। जब संदिग्ध पकड़े जाते हैं तब उनकी शिनाख्त लिए गए नमूने से की जाती है। फिंगर प्रिंट लावारिस शव का भी लिया जाता है। मिलान कराने पर यह पुष्ट होता है कि अमुक व्यक्ति कभी अपराधी या सजायाफ्ता तो नहीं रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस कार्यालय में 1925 से रिकॉर्ड रखे गए हैं। प्रभारी हेड कांस्टेबल शिव प्रताप सिंह और एक अन्य सहयोगी हैं, जो अभियुक्तों को सजा मिलने पर जेल में जाकर फिंगर प्रिंट डेल्टा टू डेल्टा लेते हैं, जिसमें आजीवन कारावास, फांसी और अन्य अपराधों में सजा पाए अपराधी होते हैं। 

पीपल का पेड़ बना मुसीबत

ऑफिस अभियोजन से संचालित अंगुष्ठ छाप कार्यालय की स्थिति खराब है। दीवारें व दरवाजे जर्जर हैं। रंगरोगन छोड़िये, पुराने पंखे कभी भी जवाब दे सकते हैं। पीपल के पेड़ को कटवाने के लिए कई बार नाजिर को पत्र लिखा गया, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। बारिश के दिनों में छत से टपकने वाला पानी रजिस्टरों पर गिरता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed