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फर्जी परीक्षार्थी मिला तो रद्द हो सकती है महाविद्यालय की मान्यता
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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की शास्त्री, आचार्य, बीएड सहित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं 22 सितंबर से शुरू हो रही हैं। शुक्रवार को विश्वविद्यालय में 142 केंद्रों के केंद्राध्यक्ष को गोपनीय सामग्री का वितरण किया गया।
परीक्षा नियंत्रक विशेश्वर प्रसाद ने बताया कि शास्त्री-आचार्य की परीक्षा पूरे देश में एक साथ 320 केंद्रों पर होगी। इसमें करीब 17 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। शुचिता पूर्वक नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए शासन को भी पत्र लिखा है। केंद्राध्यक्षों को इसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं कि परीक्षा के दौरान यदि कोई फर्जी परीक्षार्थी मिला तो महाविद्यालय की मान्यता भी निरस्त हो सकती है।
वहीं आपाधापी में केंद्राध्यक्ष जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो दूर मास्क लगाना भी भूल गए। वहीं बिना थर्मल स्कैनिंग किए ही केंद्राध्यक्ष प्रशासनिक भवन में प्रवेश करते रहे। शुक्रवार को विश्वविद्यालय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल के 142 केंद्रों की गोपनीय सामग्री का वितरण किया गया। केंद्राध्यक्ष निजी वाहनों से गोपनीय सामग्री इकठ्ठा करने पहुंचे थे। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में बिना थर्मल स्कैनिंग, बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के ही केंद्राध्यक्ष बेरोकटोक आते जाते रहे।
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मेल से भेजी जाएंगे प्रश्नपत्र
उच्च शिक्षा अधिकारी के अलावा सूबे के सभी जनपदों के डीएम को भी टाइम टेबल व केंद्रों की सूची भेजी गई है। कोविड-19 को देखते हुए विश्वविद्यालय ने सूबे के बाहर के राज्यों में स्थित केंद्रों को इस बार उतर पुस्तिका की कवर पेज व प्रश्नपत्र मेल से भेजने का निर्णय लिया गया। केंद्रों को कवर पेज पर ए-4 साइज का पन्ना जोड़ कर अपने स्तर पर उत्तर पुस्तिकाओं को तैयार करना होगा।
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परीक्षा नियंत्रक विशेश्वर प्रसाद ने बताया कि शास्त्री-आचार्य की परीक्षा पूरे देश में एक साथ 320 केंद्रों पर होगी। इसमें करीब 17 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। शुचिता पूर्वक नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए शासन को भी पत्र लिखा है। केंद्राध्यक्षों को इसके लिए निर्देश जारी किए गए हैं कि परीक्षा के दौरान यदि कोई फर्जी परीक्षार्थी मिला तो महाविद्यालय की मान्यता भी निरस्त हो सकती है।
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वहीं आपाधापी में केंद्राध्यक्ष जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो दूर मास्क लगाना भी भूल गए। वहीं बिना थर्मल स्कैनिंग किए ही केंद्राध्यक्ष प्रशासनिक भवन में प्रवेश करते रहे। शुक्रवार को विश्वविद्यालय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल के 142 केंद्रों की गोपनीय सामग्री का वितरण किया गया। केंद्राध्यक्ष निजी वाहनों से गोपनीय सामग्री इकठ्ठा करने पहुंचे थे। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में बिना थर्मल स्कैनिंग, बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के ही केंद्राध्यक्ष बेरोकटोक आते जाते रहे।
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मेल से भेजी जाएंगे प्रश्नपत्र
उच्च शिक्षा अधिकारी के अलावा सूबे के सभी जनपदों के डीएम को भी टाइम टेबल व केंद्रों की सूची भेजी गई है। कोविड-19 को देखते हुए विश्वविद्यालय ने सूबे के बाहर के राज्यों में स्थित केंद्रों को इस बार उतर पुस्तिका की कवर पेज व प्रश्नपत्र मेल से भेजने का निर्णय लिया गया। केंद्रों को कवर पेज पर ए-4 साइज का पन्ना जोड़ कर अपने स्तर पर उत्तर पुस्तिकाओं को तैयार करना होगा।