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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Every 36th man in Varanasi is at risk of oral cancer 57 percent of people in villages show symptoms

शोध: बनारस के हर 36वें पुरुष को मुंह के कैंसर का खतरा, गांवों में 57 प्रतिशत लोगों में लक्षण; मुख्य वजह तंबाकू

Sun, 07 Dec 2025 12:46 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 07 Dec 2025 12:46 PM IST
सार

Mouth Cancer: पीबीसीआर रिपोर्ट जिले के लिए एक महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है। टाटा स्मारक केंद्र के तीन मुख्य उद्देश्य, सेवा, शिक्षा और अनुसंधान के अनुरूप यह रिपोर्ट कैंसर उपचार सेवाओं को मजबूत बनाती है। 

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Every 36th man in Varanasi is at risk of oral cancer 57 percent of people in villages show symptoms
बनारस के हर 36वें पुरुष को मुंह के कैंसर का खतरा। - फोटो : Freepik.com

विस्तार

Varanasi News: वाराणसी के हर 36वें पुरुष में मुंह के कैंसर और हर 76वीं महिला में स्तन कैंसर का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, पुरुषों में कुल कैंसर के आधे से ज्यादा मरीज इसी श्रेणी के हैं। इस उच्च दर के पीछे मुख्य वजह तंबाकू और इससे बने उत्पादों का सेवन करना है। 

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शनिवार को महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल (एमपीएमएमसीसी और एचबीसीएच) की ओर से पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (पीबीसीआर) रिपोर्ट जारी कर ये जानकारियां दी गईं।
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ये आंकड़े 2020-21 वर्ष पर आधारित हैं। पीबीसीआर की प्रमुख डॉ. दिव्या खन्ना ने बताया कि प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से यह सामने आया है कि पुरुषों में होने वाले 51.2 प्रतिशत कैंसर और महिलाओं में 14.2 प्रतिशत कैंसर का सीधा संबंध तंबाकू सेवन से है। 
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रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में पुरुषों में मुंह के कैंसर के अलावा जीभ और पित्ताशय की थैली (गॉल ब्लैडर), जबकि महिलाओं में स्तन, पित्ताशय की थैली और गर्भाशय के कैंसर के मामले सबसे ज्यादा हैं। पीबीसीआर रिपोर्ट में वाराणसी की लगभग 41 लाख की जनसंख्या, 1295 गांव और 90 नगर निकाय वार्ड शामिल हैं। जिले के सभी आठ ब्लॉक से आंकड़े इकट्ठे किए हैं। इनमें से 57 प्रतिशत आंकड़े गांवों से मिले हैं।

पूरी तरह छोड़ दें तो टल सकता है खतरा
डॉ. दिव्या खन्ना ने सुझाव दिया कि तंबाकू का उपयोग पूरी तरह छोड़कर इन कैंसरों को काफी हद तक रोका जा सकता है। मुंह के कैंसर के पीछे की वजह तंबाकू, गुटका और खैनी समेत अन्य ओरल तंबाकू उत्पाद हैं। पित्ताशय के कैंसर का बढ़ता बोझ वाराणसी और पूर्वी यूपी क्षेत्र में चिंता का विषय है। 

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