फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Engineers Day 2022 Varanasi people technical skills got recognition in abroad too know about them

Engineers Day 2022: काशी के तकनीकी हुनरमंदों को विदेशों में भी मिली पहचान, जानें इनके बारे में

Thu, 15 Sep 2022 10:29 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 15 Sep 2022 10:29 AM IST
सार

इंजीनियर्स डे पर हम काशी और इससे जुड़े कुछ ऐसे ही तकनीक के हुनरमंदों से रूबरू होंगे जिन्होंने अपने आविष्कारों से समाज की मदद करने का प्रयास किया। 

विज्ञापन
Engineers Day 2022 Varanasi people technical skills got recognition in abroad too know about them
आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र प्रो. राजीव प्रकाश और 12वीं के छात्र स्वर्णिम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आज भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्मदिन है। इस दिन इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। एम. विश्वेश्वरैया भारत के महान इंजीनियरों में से एक थे, जिन्होंने आधुनिक भारत की रचना की और तकनीक को नया रूप दिया। वह युवाओं के प्रेरणा श्रोत हैं। इंजीनियर्स डे पर हम काशी और इससे जुड़े कुछ ऐसे ही तकनीक के हुनरमंदों से रूबरू होंगे जिन्होंने अपने आविष्कारों से समाज की मदद करने का प्रयास किया। 

विज्ञापन


रोबो वॉर में काशी के स्वर्णिम ने बढ़ाया मान
12वीं के छात्र स्वर्णिम को बचपन से तकनीक से लगाव है। महज 11 साल की उम्र में वह रोबोट के एक से बढ़कर एक मॉडल तैयार कर चुके हैं। स्वर्णिम लखनऊ व कानपुर में इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में टॉप तीन में जगह बना चुके हैं। रोबोटिक मॉडल तैयार करने के साथ ही स्वर्णिम कई एप व साफ्टवेयर भी तैयार कर चुके हैं, जिन पर कई कंपनियां आज काम कर रही हैं। 
विज्ञापन


आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र ने किया वंदेभारत ट्रेन की बोगी का फ्रेम  
आईआईटी बीएचयू में शोध मामलों के अधिष्ठाता प्रो. राजीव प्रकाश ने बताया कि 1971 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र रह चुके डॉ. आरएन त्रिपाठी ने वंदेभारत ट्रेन की बोगी का फ्रेम किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

मूलरूप से कानपुर निवासी आरएन त्रिपाठी कहते हैं कि किसी भी ट्रेन के कोच में बोगी फ्रेम (चेचिस) की बड़ी भूमिका होती है। कानपुर में अपनी फैक्ट्री में ही उन्होंने वंदेभारत की बोगी का फ्रेम किया है। इससे पहले राजधानी, शताब्दी, मेट्रो के साथ ही एलएचबी कोच सहित सैकड़ों ट्रेनों के कोच का बोगी फ्रेम कर चुके हैं। 

Engineers Day 2022 Varanasi people technical skills got recognition in abroad too know about them
वंदेभारत की बोगी का फ्रेम - फोटो : अमर उजाला

वंदेभारत की बोगी का फ्रेम करने में उन्होंने पहले बार रोबोटिक आर्म का इस्तेमाल किया। इसकी खासियत यह है कि इसमें वेल्डिंग सौ फीसदी होता है। कहा कि जर्मन तकनीक वाले रोबोटिक आर्म से किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं होती है।

रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला और रायबरेली से भी कंपनी को बोगियों का फ्रेम बनाने का आर्डर मिला है। बताया कि पिता ने मेडिकल की पढ़ाई बीएचयू से की जबकि मां ने 1946 में पंडित मदन मोहन मालवीय के कुलपति के कार्यकाल में विमेंस कॉलेज बीएचयू से बीए, बीएड की पढ़ाई की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed