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सोनभद्र में हाथियों ने मचाया तांडव, रात में वन विभाग और ग्रामीण ने मशाल जलाकर रोकने में जुटे

Sun, 30 Aug 2020 05:25 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 30 Aug 2020 05:25 PM IST
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Elephants orchestrated in Sonbhadra, forest department and villagers gathered to stop the torch by burning at night
जंगल में वन विभाग कर्मी। - फोटो : अमर उजाला

सोनभद्र जिले से सटे सीमावर्ती गांवों में हाथियों का आतंक बढता ही जा रहा है। ग्रामीणों को हाथियों के डर से रात में नींद नहीं आ रही है। हाथियों को खदेड़ने के लिए तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और यूपी के वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगे हुए हैं।

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शनिवार की रात में हाथियों का झुंड गांव में प्रवेश न कर सके, इसके लिए वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को लेकर मशाल जलाकर रातभर गांव के बाहर पहरा देते रहे।
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पिछले दस दिनों से छत्तीसगढ़ के सेंचुरी एरिया से आए 15 हाथियों के झुंड ने रघुनाथ नगर छत्तीसगढ़ के चरचरी, घटाकुड बभनी गांवों में और बभनी रेंज के नवाटोला गांव में मिलाकर दर्जनों किसानों के घरों को ढहा दिया। अब हाथियों का झुंड तरहां वन रेंज के नक्टू,नेमना और कोडार के जंगल में विचरण कर रहे हैं।

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शुक्रवार की रात में कोडार गांव के दो किसानों का हाथियों ने घर ढहा दिया। वहीं फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचाया। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने हाथियों को खदेड़ा तो शनिवार की रात में सिरसोती होते हुए रफ़र से कोडार के जंगल में घूस गए।

जंगल घना होने की वजह से हाथियों को भगाने में दिक्कत हो रही है। शनिवार की रात में वनकर्मियों और ग्रामीणों ने मशाल जलाकर रातभर हाथियों को गांव में आने से रोकने का काम किया है। डिप्टी रेंजर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हाथियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

हाथियों का झुंड गांव में प्रवेश न कर सके इसके लिए मशाल जलाकर रातभर निगरानी की जा रही है। वन क्षेत्राधिकारी जरहां जहीर मिर्जा ने बताया कि हाथी छत्तीसगढ़ के सेंचुरी एरिया में रहते हैं। सेंचुरी एरिया से हाथियों के निकलने के कई कारण हैं।

जैसे हाथियों में दुराव हो जाता है, खाने की समस्या हो जाती है। इसकी वजह से हाथी निकल जाते हैं। सेंचुरी एरिया से निकलने का इनका कोई निश्चित समय नहीं होता है। यह कभी भी आ सकते हैं। यह भी होता है कि जिस रास्ते से हाथियों का आना हुआ होता है, उसी रास्ते से आते हैं।

इनसे बचाव के लिए जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महुआ का फूल, शराब दूर रखें उसकी महक से भी हाथी पहुंचते हैं। हाथियों से छेड़खानी न करें, हमेशा समूह में रहें घर के आसपास अलाव जलाकर रखें, इससे हाथी दूर भागते हैं।

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