बटेंगे तो बिकेंगे: बिजलीकर्मियों ने किया प्रदर्शन, सीएचसी में 7 घंटे बिजली गुल; सारनाथ में जला ट्रांसफॉर्मर
Varanasi News: सारनाथ और राजातालाब क्षेत्र में बिजली व्यवस्था चरमरा गई। सारनाथ में ट्रांसफॉर्मर जलने से सीएचसी समेत कई इलाकों में सात घंटे तक बिजली गुल रही। वहीं राजातालाब उपकेंद्र में आग लगने से करीब 25 गांव अंधेरे में डूब गए। बिजलीकर्मियों ने प्रदर्शन कर विभागीय समस्याओं को लेकर नाराजगी भी जताई।
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Varanasi News: राजातालाब में 132 केवी उपकेंद्र पर सोमवार रात 8 बजे तेज आवाज के साथ आग लग गई। राजातालाब के साथ ही रोहनिया, मिसिरपुर सहित 25 गांवों में अंधेरा छा गया। दो घंटे बाद किसी तरह बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। सारनाथ चौराहे पर ट्रांसफॉर्मर जल गया। महाबोधि फीडर से बिजली गुल रही। सीएचसी मिसिरपुर में सुबह 7 बजे गई बिजली 7 घंटे बाद दोपहर में दो बजे आई। इस दौरान सीएचसी में ओपीडी, जांच की सेवाएं प्रभावित रहीं।
महमूरगंज, रानीपुर, मोतीझील, गणेशबाग नर्सरी, ककरमत्ता, बेनिया, चौरछठवा, चेतगंज, कदवा, लोहता में शाम 7 से लेकर आधी रात तक बिजली की आवाजाही जारी रही। कृष्णानगर कॉलोनी में एक ट्रांसफॉर्मर दोपहर 12 बजे खराब हो गया। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उपकेंद्र पर फोन किया तो पता चला कि जल्द ही आ जाएगी। आपूर्ति बहाल होने में ढाई घंटे लग गए। रानीपुर, मोतीझील, गणेशबाग नर्सरी में भी बिजली की आपूर्ति बाधित रही। अन्नपूर्णा नगर सिगरा में शाम 7 बजे तार टूट गया। मौके पर बिजलीकर्मी पहुंचे। एक घंटे बाद जाकर किसी तरह तार लगा तब आपूर्ति बहाल हो सकी। चौबेपुर में बलुआ घाट में सोमवार शाम 5 बजे तेज आवाज के साथ ट्रांसफॉर्मर का केबल जल गया। सुबह भी चौबेपुर में ट्रिपिंग जारी रही। एक घंटे बाद बिजली बहाल हुई।
कार्रवाई से नाराज कर्मचारी पहुंचे एमडी कार्यालय, प्रदर्शन : कर्मचारियों ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सोमवार को प्रबंध निदेशक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। जितेंद्र सिंह गुर्जर, मायाशंकर तिवारी, अंकुर पांडेय ने कहा कि ऊर्जा प्रबंधन की ओर से आवाज उठाने वालों का उत्पीड़ना किया जा रहा है।
गुणवत्ता के साथ विकास कार्यों का करें निरीक्षण, बार-बार हो रही ट्रिपिंग को सुधारें
मंडलायुक्त एस राजलिंगम की अध्यक्षता में सोमवार को कमिश्नरी सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करें और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। बिजली की पर्याप्त आपूर्ति हो, इसके लिए लगातार मॉनीटरिंग की जाए। बार-बार हो रही ट्रिपिंग की समस्या को सुधारें। इस मंडलीय बैठक में जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली के डीएम वर्चुअल माध्यम से मीटिंग से जुड़े रहे।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शिता एवं तत्परता के साथ पहुंचाया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण और शिकायतों के समाधान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कहा कि एंटी-भूमाफिया, राजस्व वादों का उचित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो। पीठासीन अधिकारी पांच साल और तीन साल से अधिक के लंबित वादों पर विशेष ध्यान देकर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। रोड सेफ्टी के लिए विद्यालयी वाहनों, बसों का निरीक्षण कर उनकी फिटनेस की शतप्रतिशत जांच करें।
जल निगम की ओर से किए गए कार्यों, सड़कों की खोदाई के बाद उनकी मरम्मत का मुद्दा भी बैठक में उठा। इसमें बताया गया कि वाराणसी में 28 मार्गों का सुदृढ़ीकरण शेष है। कमिश्नर ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में कम रैंक पर डीडी पंचायत से नाराजगी जाहिर करते हुए अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। कहा कि सभी अधिकारी महीने की 25 तारीख से ही डाटा की एंट्री देखने शुरू कर दें ताकि मंडल को उचित रैंक मिल सके। सेतुओं के निर्माण में देरी पर जिलाधिकारी जौनपुर को समीक्षा करके अपेक्षित प्रगति लाने को कहा।