काशी में सुधरेगी विद्युत व्यवस्था: राज्यमंत्री बोले- बनेंगे 10 उप बिजली घर, बदले जाएंगे 2000 ट्रांसफार्मर
वाराणसी में बिजली व्यवस्थाओं को और दुरुस्त करने के लिए राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने निर्देशित किए हैं। बजट के अनुसार, ट्रांसफार्मर और नए तार लगाए जाएंगे। बास-बल्लियों को भी हटाया जाएगा।
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राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने सोमवार को सर्किट हाउस में विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बिजली से संबंधित समस्या के निवारण हेतु स्वीकृत 588 करोड़ से सुधार होगा।
अफसरों ने बताया कि कुछ स्थानों पर लगे बास-बल्ली सहित जर्जर तारों से मुक्त करने, 10 उप बिजली घर, दो हजार नए ट्रांसफार्मर लगाने व पुराने ट्रांसफार्मर बदलने जैसे आदि कार्य कराए जाने हैं।
अफसरों ने राज्यमंत्री को बताया कि लगभग 2000 विद्युत ट्रांसफार्मर बदले जाएंगे, 250 किलोमीटर जर्जर तारों की जगह नए विद्युत तार लगाए जाएंगे। 10 नए विद्युत उपकेंद्र बनाए जाएंगे।
मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2012 में जनपद को विद्युत तारों को बास बल्ली मुक्त करने का अभियान शुरू किया था। अपने विधायक निधि से कुछ कार्य कराए भी थे। उन्होंने कहा कि जर्जर विद्युत तारों के सुधार हेतु एक माह के अंदर सर्वे कार्य पूर्ण कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें बदलने एवं बास बल्लियों से मुक्त करने का अभियान चलेगा।
संसाधनों की कमी में भी बेहतर काम कर रहे प्रधानाचार्य : राज्यमंत्री
हरहुआ के एक निजी विद्यालय में सोमवार को उप्र प्रधानाचार्य परिषद की ओर से मंडलीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर दयालु ने कहा कि कहा कि प्रधानाचार्य बहुत कठिन परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। उनका जीवन संघर्षों का जीवन है, संसाधनों की कमी के बावजूद आज बेहतर कार्य कर रहे हैं।
राज्यमंत्री ने परिषद के पदाधिकारियों से कहा कि आप एक टीम बना लीजिए और आपकी समस्याओं को लेकर हम आपके साथ मुख्यमंत्री के पास चलेंगे और उन्हें इस बारे में बताएंगे। विशिष्ट अतिथि डॉ. विनोद कुमार राय ने कहा कि हमारे प्रधानाचार्य कम संसाधन में समाज के कमजोर वर्गों से आने वाले छात्रों को अच्छी शिक्षा देने का प्रबंध करते हैं।
बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा में आवश्यक है शिक्षार्थी के अंदर दया, करुणा, की भावना विकसित हो। कार्यक्रम में पिछले सालों में सेवानिवृत्त 50 प्रधानाचार्यों का सम्मान किया गया। मंच पर प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक देव की शर्मा, डॉ. बीरेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश अध्यक्ष डॉ विनोद कुमार राय, डॉ चारू चंद्र त्रिपाठी मौजूद रहे।