Electricity Crisis: बेनिया में जला ट्रांसफॉर्मर, तीन घंटे तक अंधेरे में रहे 50 से ज्यादा परिवार; पानी को तरसे
Varanasi News: बुधवार शाम आंधी के साथ बारिश होने से जगह-जगह जलभराव की समस्या रही। चांदपुर, औरंगाबाद, मड़ौली, शिवदासपुर इलाकों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने की वजह से बृहस्पतिवार को भी कई जगहों पर पानी लगा रहा।
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Varanasi Weather: वाराणसी में बुधवार शाम आई तेज आंधी के बाद बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था दूसरे दिन भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर में खराबी और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बुधवार शाम आई आंधी के दौरान कई जगहों पर पेड़ों की डालियां बिजली के तारों पर गिर गईं, जबकि कुछ स्थानों पर ट्रांसफॉर्मरों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। इसका असर गुरुवार को भी देखने को मिला। बेनिया इलाके में पियरी पुलिस चौकी के पास एक ट्रांसफॉर्मर जल गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना बिजली उपकेंद्र को दी।
लोगों को हुई काफी परेशानी
रविकांत मिश्रा, गौरव, उमेश विश्वकर्मा, शुभम और संतोष सिंह ने बताया कि शाम करीब 7 बजे ट्रांसफॉर्मर जलने से बिजली चली गई थी, जिसे विभाग की टीम ने रात करीब 10:30 बजे बहाल किया। हालांकि, इस दौरान लोगों को उमस भरी गर्मी में काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
वहीं, लोहता क्षेत्र के गोपालपुर और कोटवा पाही गांवों में स्थिति और भी खराब रही। यहां ट्रांसफॉर्मरों पर बिजली गिरने से वे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरी रात गांव अंधेरे में डूबे रहे। गुरुवार सुबह तक भी इन इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।
शहर के ककरमत्ता, पांडेयपुर, चेतगंज और चौकाघाट क्षेत्रों में भी दिनभर बिजली की आवाजाही जारी रही। बार-बार बिजली कटने और आने से लोगों के घरेलू कामकाज के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आंधी से क्षतिग्रस्त लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जल्द ही सभी प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य करने का दावा किया गया है।