UP: बिजली निगम फर्जीवाड़ा, 1500 रुपये लेकर 200 कर्मियों को पकड़ा दिया फर्जी ज्वाइनिंग लेटर; ऐसे हुआ खेल
लोगों को इसकी जानकारी तब हुई जब वे कार्यभार करने पहुंचे। अधिकारियों ने ज्वाइनिंग लेटर देखते ही बता दिया कि यह फर्जी है। इस पर कर्मचारियों ने विद्युत विभाग से जुड़े संगठनों को आपबीती बताई।
विस्तार
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में संविदा कर्मियों की तैनाती में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। सर्किल वन में 200 संविदा कर्मियों से 1500 रुपये लेकर उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दे दिया गया। कर्मचारी संबंधित जगह पर कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे तो पता चला कि उनकी नियुक्ति हुई ही नहीं है।
कर्मचारियों ने संगठन के नेताओं से शिकायत की। कर्मचारी नेताओं ने अब निगम के अधिकारियों से पूरे प्रकरण में जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। निगम की ओर से मुरादाबाद की एक कंपनी को संविदा कर्मियों की तैनाती की जिम्मेदारी मिली है।
कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति ने पहले से काम करने वाले 200 संविदा कर्मियों से 1500 रुपये नियुक्ति पत्र जारी कर दिया। छंटनी के डर से परेशान कर्मचारियों ने भी पैसे दे दिए, लेकिन जब कार्यभार लेने पहुंचे तो फर्जीवाड़े का पता चला।
विरोध पर कंपनी ने कर्मचारी को हटाया, कार्रवाई नहीं
विद्युत मजदूर पंचायत के पूर्वांचल मंत्री अंकुर पांडेय और मजदूर संगठन के पूर्वांचल महामंत्री वेद प्रकाश राय का कहना है कि संबंधित व्यक्ति को हटाकर कंपनी ने खानापूर्ति की है। कर्मचारियों से लिया गया पैसा नहीं वापस करवाया। इसके लिए विरोध किया जाएगा।
900 कर्मी दे रहे सेवा, 771 का ही टेंडर
सर्किल वन में 900 संविदा कर्मी सेवा दे रहे हैं, कंपनी की ओर से केवल 771 का ही टेंडर किया गया है। बेहतर आपूर्ति के लिए पहले की अपेक्षा ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ी है। उपभोक्ता और नये फीडर बढ़े हैं, ऐसे में कर्मचारियों को कम करने का कोई औचित्य नहीं है। अधिकारियों से मांग है कि पहले से सेवा दे रहे 900 संविदा कर्मियों को रखा जाए।
बोले अधिकारी
संविदा कर्मियों से रुपये लेकर नियुक्ति पत्र देने की शिकायत कुछ लोगों ने की थी। कंपनी की ओर से कार्रवाई कर दी गई है। इसके बाद भी किसी को समस्या है। तो वह लिखित शिकायत कर सकता है। निगम की ओर से व्यवस्था की नियमानुसार निगरानी की जा रही है, ताकि नियम और निर्देशों का पालन किया जा सके। - प्रमोद गोगानिया, अधीक्षण अभियंता