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Varanasi: बिजली की खपत के टूटे रिकॉर्ड, 20 दिन में बढ़ा 227 मेगावाट लोड; गड़बड़ी दूर होने में लग रहे 10 घंटे

Fri, 06 Jun 2025 11:11 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Fri, 06 Jun 2025 11:11 AM IST
सार

Varanasi Latest News: गर्मी के मौसम में बिजली के खबत के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। वाराणसी में 20 दिन में ही 227 मेगावाट लोड बढ़ गया। ऐसे में गड़बड़ी दूर होने में 10 घंटे का समय लग जा रहा है। 

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electricity consumption records broken in summer 227 MW load increased in 20 days in Varanasi
खराब होने के बाद लगा ट्रॉली ट्रांसफार्मर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी जिले में बिजली की खपत के रिकॉर्ड टूट गए हैं। पिछले बीस दिनों यानी 9 मई और 30 मई के बीच बिजली की मांग 624 मेगावाट से 851 मेगावाट पहुंच गई है। औसतन हर दिन सामान्य से 60 से 80 मेगावाट अधिक बिजली खर्च हुई है। इसका असर उपकरणों पर भी पड़ रहा है। यही कारण है कि हर दिन पांच से दस जगहों पर ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं। 
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वहीं तार टूटने, अंडर ग्राउंड केबल में फॉल्ट होने, खंभे टूटने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इनकी मरम्मत करने में विभाग के पसीने छूट रहे हैं। जो काम पांच से छह घंटे में होना चाहिए, उसमें दस घंटे लग जा रहे हैं। इससे लोगों को तो परेशानी तो हो ही रही है, उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं। 
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बेपबटरी हो गया बिजली आपूर्ति का शेड्यूल
जिले में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बेपटरी हो गया है। बिजली कब आएगी और कब चली जाएगी, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाती है। पिछले 15 दिन से कटौती का ट्रेंड भी बदल गया है। दिन में तो केवल ट्रिपिंग हो रही है, लेकिन रात होते ही ट्रांसफॉर्मर जलने, तार टूटकर गिरने, पैनल ब्लास्ट होने के साथ ही फॉल्ट की समस्या बढ़ गई है। लिहाजा कर्मचारी रात भर मरम्मत का सामान लेकर दौड़ते भागते नजर आ रहे हैं। 

किसी कॉलोनी में सामान्य तार जलने पर एक घंटे, तो कही ट्रांसफाॅर्मर फाॅल्ट होने पर दो से तीन घंटे का समय लग रहा है। आदित्यनगर करौंदी में तो बुधवार को एक खंभा गिरने के बाद उसे लगाने में 12 घंटे का समय लग गया। यह स्थिति तब है जब बिजली की बेहतर आपूर्ति के लिए अभियान चलाकर उपकरणों को दुरूस्त किया जा रहा है। इसके बाद भी आए दिन अंडरग्राउंड केबल फाॅल्ट होने के साथ ही तार टूटने से आपूर्ति बाधित हो रही है। 

मई में टूटा रिकॉर्ड 
30 मई को 851 मेगावाट बिजली खपत हुई। यह पूर्वांचल के जिलों में सर्वाधिक खपत थी। जबकि 2024 में इसी दिन 813 मेगावाट की खपत हुई थी। 17 मई को 820 मेगावाट वहीं 2024 में इस दिन 742 मेगावाट खपत हुई थी। 13 मई को 748 मेगावाट खर्च हुई जो कि 2024 की तुलना में 106 मेगावाट अधिक रही। मई में 20 दिनों तक औसत से 80 से 100 मेगावाट बिजली रोजाना खपत हुई है। जबकि जून में 2 जून को सर्वाधिक 817 मेगावाट खर्च हुआ है वहीं पिछले साल इसी दिन 732 मेगावाट की खपत हुई थी।

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