UP Chunav 2022: बनारस में बिरादरी के वोटों का बिखराव रोकने में जुटे चुनावी रणनीतिकार, आठों विधानसभा क्षेत्रों की तस्वीर कल होगी साफ
वाराणसी के आठों विधानसभा क्षेत्र में इसबार जातिगत लड़ाई दिख रही है। जाति के वोटरों को सहेजने के लिए प्रमुख पार्टियों ने अपने रणनीतिकारों को लगा दिया है ताकि वोटों के बिखराव को रोका जा सके।
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विधानसभा चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के बाद सामने आई तस्वीर को लेकर चुनावी रणनीतिकारों की चिंता बढ़ी है। वाराणसी के आठों विधानसभा क्षेत्रों की तस्वीर 21 फरवरी को नाम वापस कराने के बाद ही साफ होगी।
तमाम प्रयास के बाद भी आठों विधानसभा क्षेत्र में जातिगत लड़ाई दिख रही है। जाति के वोटरों को सहेजने के लिए प्रमुख पार्टियों ने अपने रणनीतिकारों को लगा दिया गया है ताकि वोटों के बिखराव को रोका जा सके।
प्रत्याशियों के नाम वापसी पर जोर
इसके तहत रणनीतिकार पहले समझा बुझाकर नाम वापस कराएंगे। यदि वे नहीं मानेंगे तो दूसरी रणनीति के तहत काम किया जाएगा। इस काम में भरोसेमंद रणनीतिकारों को लगाया है ताकि नाम वापसी वाले दिन अधिक से अधिक जाति के प्रत्याशियों का नाम वापस कराके वोटों का समीकरण अपने पक्ष में किया जा सके।
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पिंडरा सीट पर भूमिहार बिरादरी में जंग
चुनावी रणनीतिकारों के अनुसार पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में भूमिहार बिरादरी के कई लोग चुनाव लड़ रहे हैं। इसी प्रकार सुरक्षित सीट अजगरा विधानसभा क्षेत्र में कई एससी चुनाव लड़ रहे हैं। शिवपुर विधानसभा क्षेत्र में राजभर और मौर्य बिरादरी के लोग लड़ रहे हैं।
कैंट विधानसभा क्षेत्र में रोचक लड़ाई
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रोहनिया और सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र से पटेल और अन्य बिरादरी के लोग चुनाव लड़ रहे हैं। शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से बनिया और मुस्लिम चुनाव लड़ रहे हैं। शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से ब्राह्मण व अन्य जाति के लोग चुनाव लड़ रहे हैं।