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ईद-उल-अजहा 2021: बकरीद पर महंगाई की मार, वाराणसी में दो लाख के लद्दाखी बकरों के नहीं मिल रहे खरीदार

Sun, 18 Jul 2021 01:22 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 18 Jul 2021 01:22 AM IST
सार

बकरीद की तारीख नजदीक आते ही वाराणसी के कई मोहल्लों में छोटी-छोटी जगहों पर अस्थायी बकरों की मंडी सजाई जा रही है। बाजार में दो लाख के लद्दाखी बकरों के खरीदार ही नहीं मिल रहे हैं। 

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Eid al Adha 2021 Inflation impact on Bakrid buyers are not available for Ladakhi goat worth two lakhs in Varanasi
कुर्बानी के पर्व ईद उल अजहा यानी बकरीद पर लगातार दूसरे साल भी कोरोना संक्रमण का असर साफ नजर आ रहा है। एक तरफ जहां बकरों की ऑनलाइन बिक्री शुरू हो गई है, वहीं उनके दाम भी पिछले साल के मुकाबले ज्यादा हैं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कुर्बानी के पर्व ईद उल अजहा यानी बकरीद पर लगातार दूसरे साल भी कोरोना संक्रमण का असर साफ नजर आ रहा है। एक तरफ जहां बकरों की ऑनलाइन बिक्री शुरू हो गई है, वहीं उनके दाम भी पिछले साल के मुकाबले ज्यादा हैं। बाजार में दो लाख के लद्दाखी बकरों के खरीदार ही नहीं मिल रहे हैं।
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वहीं बकरों की अधिकतम कीमत इस बार 90 से 95 हजार जोड़ा तक ही पहुंच सकी है। महंगाई, कोरोना संक्रमण और बेनियाबाग में बकरा मंडी नहीं लगने के कारण आम आदमी परेशान है। शनिवार को बड़ी बाजार, सरैया, बजरडीहा, रेवड़ी तालाब और लल्लापुरा में भी लगी मंडियों में भीड़ बढ़ी है। यहां भी मोमिन अपनी पसंद के बकरों और भेड़ों को अपने दाम पर खरीदने के लिए मोलभाव करते रहे। बकरियाकुंड पर बकरों की खरीदारी के लिए सबसे ज्यादा भीड़ नजर आई।
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कालीमहल के सैयद शवाब हैदर ने दो लद्दाखी बकरों की कीमत दो लाख रुपये लगाई है। शवाब ने बताया कि बकरों को लद्दाख से मंगवाया था। तीन साल से बकरों को पाल रहा हूं। यह मेवा, चिप्स और बिस्किट ही खाते हैं। शैंपू और कंडीशनर से नहलाना पड़ता है और इनको गरमी भी बर्दाश्त नहीं होती। इनको एसी में रखा जाता है।
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दोनों बकरों की कीमत पिछले साल ढाई लाख रुपये लगाई थी, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला था। इस बार इनकी कीमत दो लाख रुपये रखी है लेकिन कोई भी आगे नहीं आ रहा है। बेनिया में  मंडी नहीं लगने के कारण मोहल्लों में मंडियां लग रही हैं। ऑनलाइन भी जानवरों की बिक्री की जा रही है, लेकिन मांग बहुत ज्यादा नहीं है। मंडी संचालक अनवर ने बताया कि इस बार जानवरों की कीमत पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है।

दोगुने हुए बकरों के दाम

बकरीद पर कुर्बानी के लिए खास माने जाने वाला दुंबा इस बार भी बाजार में नहीं है। बेनियाबाग में इस बार भी मंडी नहीं सजने के कारण बकरों की कीमत आम आदमी के बजट के बाहर जा रहा है। दालमंडी के शकील अहमद जादूगर ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार बकरों की कीमत थोड़ी ज्यादा है।

पिछले साल जहां पांच हजार में बकरे मिल जा रहे थे, वहीं इस बार 15 हजार से शुरुआत हो रही है। अधिकतम कीमत 40 हजार तक है। वहीं दूसरी तरफ शहर के व्यापारियों ने ऑनलाइन बकरों की बिक्री शुरू कर दी है। वेबसाइट पर बकरा मालिक अपना पता भी अपलोड कर रहे हैं ताकि ग्राहक आकर भी देख सकें।

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