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Varanasi News: पैकेट बंद खाने से हृदय रोग का खतरा अधिक
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फोटो
बीएचयू भोजपुरी अध्ययन केंद्र में जनपद और स्वास्थ्य पर परिचर्चा का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू भोजपुरी अध्ययन केंद्र में आयोजित जनपद और स्वास्थ्य विषयक परिचर्चा में डॉक्टरों ने लोगों को सेहत के प्रति सतर्कता बरतने की सलाह दी। बीएचयू हृदय रोग विभाग के प्रो. धर्मेंद्र जैन ने पैकेट बंद भोजन के सेवन को हृदय रोग के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को बचना चाहिए।
राहुल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में काय चिकित्सा विभाग के आचार्य प्रो. ज्योतिशंकर त्रिपाठी ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के पालन को अच्छी सेहत के लिए जरूरी बताया। मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. धीरज किशोर ने कहा कि भोजपुरी क्षेत्र में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा आदि हृदयाघात के खतरों को ज्यादा बढ़ाते हैं। प्रो. संजीव गुप्ता ने सभी को सेहत के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। ईएनटी विभाग में चिकित्सक डॉ. सुशील कुमार अग्रवाल ने पूर्वांचल में होने वाली आंख, नाक, कान की बीमारी के कारण व निदान के बारे में बताया। एनेस्थीसिया विभाग में सहायक आचार्य डॉ. राजेश मीणा ने आपातकालीन स्थिति में एनेस्थीसिया के बारे में बताया। इस दौरान केंद्र समन्वयक प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल, डॉ. महेंद्र प्रसाद कुशवाहा, डॉ. रविशंकर सोनकर, डॉ. अशोक कुमार ज्योति, डॉ. विंध्याचल यादव आदि मौजूद रहे।
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बीएचयू भोजपुरी अध्ययन केंद्र में जनपद और स्वास्थ्य पर परिचर्चा का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू भोजपुरी अध्ययन केंद्र में आयोजित जनपद और स्वास्थ्य विषयक परिचर्चा में डॉक्टरों ने लोगों को सेहत के प्रति सतर्कता बरतने की सलाह दी। बीएचयू हृदय रोग विभाग के प्रो. धर्मेंद्र जैन ने पैकेट बंद भोजन के सेवन को हृदय रोग के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को बचना चाहिए।
राहुल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में काय चिकित्सा विभाग के आचार्य प्रो. ज्योतिशंकर त्रिपाठी ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के पालन को अच्छी सेहत के लिए जरूरी बताया। मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. धीरज किशोर ने कहा कि भोजपुरी क्षेत्र में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा आदि हृदयाघात के खतरों को ज्यादा बढ़ाते हैं। प्रो. संजीव गुप्ता ने सभी को सेहत के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। ईएनटी विभाग में चिकित्सक डॉ. सुशील कुमार अग्रवाल ने पूर्वांचल में होने वाली आंख, नाक, कान की बीमारी के कारण व निदान के बारे में बताया। एनेस्थीसिया विभाग में सहायक आचार्य डॉ. राजेश मीणा ने आपातकालीन स्थिति में एनेस्थीसिया के बारे में बताया। इस दौरान केंद्र समन्वयक प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल, डॉ. महेंद्र प्रसाद कुशवाहा, डॉ. रविशंकर सोनकर, डॉ. अशोक कुमार ज्योति, डॉ. विंध्याचल यादव आदि मौजूद रहे।
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