वाराणसी: ई-वाहनों के लिए 25 नये चार्जिंग स्टेशन खोलने की तैयारी, पहले चरण में 11 स्थान तय
वाराणसी शहर में ई-रिक्शा की भरमार के बाद अब इलेक्ट्रिक वाहनों को रफ्तार देने की कवायद शुरू हो गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए शहर में 11 स्थान तय कर लिए गए हैं।
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वाराणसी में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 25 नए चार्जिंग स्टेशन खोलने की तैयारी है। इसके लिए नगर निगम ने 11 स्थान भी तय कर लिए हैं। साथ ही दूसरे चरण के लिए 14 और केंद्र बनेंगे इसकी भी तैयारी चल रही है। जहां दो पहिया हाई स्पीड स्कूटी से लेकर तीन पहिया ई रिक्शा और ऑटो समेत अन्य ई-वाहनों को चार्ज करने की सुविधा होगी।
इसके लिए वाहन मालिकों को प्रति घंटे के हिसाब से चार्जिंग का शुल्क देना होगा। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्लान के तहत दिल्ली की एक संस्था यह स्टेशन विकसित करेगी। बहुत जल्द ही तय स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज होने शुरू हो जाएंगे।
अपर नगर आयुक्त दुष्यंत मौर्या ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन के लिए काम चल रहा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल मोबिलिटी के लिए राजस्थान इलेक्ट्रानिक्स एंड इंस्टमेंट लिमिटेड से एमओयू किया गया है। नगर आयुक्त प्रणय सिंह के निर्देश पर जोनल अधिकारियों समेत राजस्व विभाग ने इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग स्टेशन के लिए स्थान चिन्हित कर लिया है।
शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक कवर किया गया है। इसके अलावा शहर के बीच में कई स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन खुलेंगे। फिलहाल, नगर निगम ने 11 स्थानों का चयन कर लिया है। अगले चरण में 14 और जगहों को चिन्हित करने की योजना है।
यहां होंगे चार्जिंग स्टेशन प्वाइंट
सारनाथ स्टेशन के पास, डीडीयू जिला अस्पताल के पास, उदय प्रताप कॉलेज के पास,एनएच-56 रिंग रोड के संपर्क मार्ग तरना के पास, रेलवे फाटक नक्खी घाट के पास, आईडीएच संक्रामक रोग अस्पताल, नगर निगम सिगरा, डीएलडब्ल्यू गेट के सामने, धनेसरा तालाब पीलीकोठी, चितईपुरा स्थित इंद्रा नगर कॉलोनी, नदेसर रामलीला मैदान के पास।
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तकनीक की मदद से ईंधन पर निर्भरता हो जाएगी कम
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए आईआईटी बीएचयू ने ऑन बोर्ड चार्जर की नई तकनीक विकसित की है। इसकी मदद से सभी दो पहिया व चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत आधी रह जाएगी।
बीएचयू में कार्यरत टीम ने लैब स्तर पर तकनीक का सफल परीक्षण कर लिया है। बस सुधार और व्यवसाय के स्तर पर काम चल रहा है। तकनीक में आईआईटी गुवाहाटी और आईआईटी भुवनेश्वर के विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं। वहीं देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनियों ने तकनीक में रुचि दिखाई है।
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