Varanasi: हाय रे पैसा... हंसते-खेलते दो परिवार तबाह हो गए, साले की हत्या कर जीजा की खुदकुशी से सभी हैरान
वाराणसी शहर से सटे बखरिया गांव में बीते मंगलवार को जमीन विवाद में कलयुगी दामाद दिनेश शर्मा उर्फ पिंटू (39) ने ससुर राजेश सिंह पर हमला बोल दिया। बीचबचाव में आए साले गोपाल सिंह (36) की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के तीन दिन बाद ग्रामीणों का कहना था कि दोनों परिवार इस जख्म को कभी नहीं भूल पाएंगे।
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हाय रे पैसा... हंसते-खेलते दो परिवार तबाह हो गए...। बेटे और दामाद को खोकर अब राजेश सिंह पैसे का क्या करेगा...? क्या पैसा अपने साथ लेकर जाएगा...? ऐसी चर्चाएं बखरिया गांव और उसके आसपास के गांवों के चट्टी-चौराहों की चाय-पान की दुकानों पर बुधवार को सुबह से देर शाम तक ग्रामीण करते रहे। ग्रामीणों का कहना था कि दोनों परिवार इस जख्म को कभी नहीं भूल पाएंगे।
मिर्जापुर जिले के प्रेमापुर गांव निवासी दिनेश शर्मा ने वर्ष 2003 में अपनी जमीन बेचकर बखरिया गांव निवासी अपने ससुर राजेश सिंह को तीन लाख रुपये दिए थे। उसका कहना था कि जो पैसा दिए हैं, उसी से चुरामनपुर मुढै़ला के पास उन्हें दो बिस्वा जमीन खरीदकर दे दें। बाकी जो और पैसा लगेगा, उसे वह दे देंगे।
कई बार हुई बात लेकिन नहीं बनी बात
चार-पांच वर्ष बीतने के बाद राजेश सिंह से दिनेश शर्मा जमीन मांगने लगा तो वह टालमटोल करने लगा। इसे लेकर रिश्तेदारों की मौजूदगी में कई बार पंचायत भी हुई। एक हफ्ते पहले हुई पंचायत में राजेश ने तीन लाख रुपये देने का भरोसा दिलाया था, लेकिन दिनेश तैयार नहीं था।
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उसका कहना था कि मुढै़ला में एक बिस्वा जमीन की कीमत अब 20 लाख रुपये है। एक ही बिस्वा का जमीन मिल जाए तो ठीक रहेगा, लेकिन राजेश इतना पैसा देने के लिए किसी भी सूरत में तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर सोमवार की शाम ससुर और दामाद के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद दिनेश मुढ़ैला स्थित अपने किराये के कमरे पर गया। मंगलवार की सुबह दिनेश फिर अपनी ससुराल पहुंचा। उन्होंने अपने लाइसेंसी असलहे से गोली मारकर साले गोपाल सिंह की हत्या कर दी। इसके बाद उसी असलहे से खुद गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
फोन करके कहा था गुस्से में बंदूक लेकर निकले हैं दिनेश
दिनेश शर्मा मंगलवार की सुबह घर से अपना लाइसेंसी असलहा लेकर निकला था। उसने पत्नी संजू से कहा था कि आज सारा फैसला हो जाएगा। इस पर संजू ने अपने पिता और भाई को फोन किया और कहा था कि उनके पति घर से बेहद गुस्से में असलहा लेकर निकले हैं। वह अगर कुछ कहें तो कोई घर से बाहर निकलकर ना आए। दिनेश शर्मा अपने ससुर के घर के सामने पहुंचा तो कुछ देर तक सामने की सड़क पर टहलता रहा। इसके बाद उन्होंने अपने साले गोपाल को फोन करके बाहर आने को कहा। गोपाल ने बहन की बात को अनसुना किया और अपने पिता के साथ बाहर निकल आया। इसी बीच दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, फिर दिनेश ने गोली मारकर गोपाल की हत्या कर दी और खुद को भी गोली मार ली।
ससुर की गलती की सजा पति को क्यों मिली?
मंगलवार की रात गोपाल का शव घर पहुंचा तो उनकी पत्नी प्रिया बेहोश हो गई। होश में आने पर प्रिया बस यही रट रही थी कि हमारे ससुर की गलती की सजा हमारे निर्दोष पति को मिली। हमारा जीवन बर्बाद हो गया। अब किसके सहारे रहेंगे। कौन देखभाल करेगा। प्रिया की चीत्कार जिसने भी सुनी, लगा कि उसका कलेजा फट जाएगा। आंसू अपने आप गिरने लगे।
पत्नी और बेटे की बीमारी से परेशान था दिनेश
दिनेश शर्मा इन दिनों पैसे को लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान था। इसकी अहम वजह उनकी पत्नी और बेटे का इलाज था। दिनेश की पत्नी की रीढ़ की हड्डी में समस्या है। इकलौते बेटे के दिल में छेद है। पत्नी और बेटे के इलाज में खर्च हो रहे पैसे को लेकर वह बहुत तनाव में रहते थे। इसके बारे में उन्होंने अपने ससुर को भी बताया था। दिनेश अपने करीबियों से कहते भी था कि उनके ससुर उनकी जमीन दे देंगे तो वह उसे बेच कर पत्नी और बेटे का अच्छे से उपचार करा लेगा। मगर, होनी को कुछ और ही मंजूर था।