फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Due to greed for property, 28 years ago, he got the younger brother and his wife murdered, then killed the father and the watchman.

Varanasi News: संपत्ति के लालच में 28 साल पहले कराई थी छोटे भाई और उसकी पत्नी की हत्या, फिर पिता और चौकीदार को मारा

Wed, 06 Nov 2024 01:20 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2024 01:20 AM IST
विज्ञापन
Due to greed for property, 28 years ago, he got the younger brother and his wife murdered, then killed the father and the watchman.
फोटो... संशोधित- एक मृतक का नाम नवेंद्र की जगह नमनेंद्र किया गया है।
विज्ञापन

संपत्ति के लालच में 28 साल पहले कराई थी छोटे भाई और उसकी पत्नी की हत्या, फिर पिता और चौकीदार को मारा

- जेल से बाहर आकर राजेंद्र ने की थी दूसरी शादी, शराब ठेका मालिक और किरायेदार प्रति माह देते थे 10 लाख से ज्यादा किराया



माई सिटी रिपोर्टर

वाराणसी। भदैनी इलाके के राजेंद्र गुप्ता, उसकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों की गोली मार कर हत्या कर दी गई। राजेंद्र के पड़ोसियों ने बताया कि संपत्ति के लालच में राजेंद्र ने 28 साल पहले यानी वर्ष 1996 में अपने छोटे भाई कृष्णा और उसकी पत्नी मंजू की हत्या भाड़े के शूटरों से कराई थी। वर्ष 1997 में राजेंद्र पर उसके पिता लक्ष्मी नारायण गुप्ता और उनके एक चौकीदार की हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था।

हालांकि, मृत राजेंद्र की मां शारदा देवी ही मामले में वादी थी। इस कारण मां को अपने पक्ष में करके वह जेल से बाहर आ गया था। वहीं, कृष्णा और मंजू की हत्या का मामला रफा-दफा हो गया। जेल से बाहर आने के बाद वर्ष 1999 में उसने भदैनी में अपने किरायेदार एक ब्राह्मण परिवार की नीतू से प्रेम विवाह किया था। नीतू से प्रेम विवाह के बाद ही उसके परिजनों ने उससे नाता तोड़ लिया था।
विज्ञापन


भदैनी निवासी राजेंद्र गुप्ता के बाबा पन्ना साव अपने दौर के संपन्न लोगों में शुमार थे। भदैनी इलाके के लोगों ने बताया कि पन्ना साव किराये पर 150 रिक्शा चलवा कर बड़े पैमाने पर चल-अचल संपत्ति के मालिक बन गए। उनकी मौत के बाद उनके बेटे लक्ष्मी नारायण साव ने व्यवसाय को आगे बढ़ाया, लेकिन उसकी आम शोहरत अच्छी नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

भदैनी में आलीशान मकान, जमीन भी
बाबा और पिता के बूते ही राजेंद्र का भदैनी में आलीशान मकान और जमीन है। शिवाला में उसकी जमीन पर ही देसी शराब का ठेका है। किरायेदार भी रहते हैं। मीरापुर रामपुर गांव में वह मकान बनवा रहा था। इसके अलावा छित्तूपुर सहित कुछ जगहों जमीन खरीदी थी।

राजेंद्र के करीबियों ने बताया कि भदैनी व शिवाला के किरायेदारों और शराब ठेका संचालक से प्रति माह राजेंद्र को 10 लाख रुपये से ज्यादा किराया मिलता था। राजेंद्र के किरायेदारों ने बताया कि रात लगभग एक बजे के बाद पटाखे फूटने की आवाज सुनाई दी थी। सभी को लगा कि दीपावली का समय है, इसलिए कोई पटाखे फोड़ रहा होगा। किसी को यह नहीं पता था कि राजेंद्र की पत्नी और बच्चों की गोली मार कर हत्या की गई है।
------------------------------------------
मां को नहीं पता बेटा भी नहीं रहा, बोली- राजेंद्र ने छोटे बेटे को मरवाया था

राजेंद्र की बूढ़ी मां शारदा देवी बहू, दो पोतों और एक पोती की हत्या के दौरान भदैनी स्थित मकान के दूसरे तल के फ्लैट में थीं। उन्हें मंगलवार की रात तक नहीं पता था कि उनके बेटे राजेंद्र की भी हत्या कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब हमारे परिवार में हम, हमारा बेटा राजेंद्र और छोटे बेटे कृष्णा के दो बेटे विक्की व जुगनू ही बचे हैं। उनसे पूछा गया कि कृष्णा और उनकी पत्नी मंजू की मौत कैसे हुई थी। इस पर उन्होंने कहा कि राजेंद्र ने ही उन्हें मरवाया था।
शारदा देवी ने बताया कि सोमवार की रात तक घर में सब सामान्य था। राजेंद्र रात आठ बजे के लगभग घर से मीरापुर रामपुर स्थित निर्माणाधीन मकान के लिए चला गया था। उसके बाद नीतू ने उन्हें खाना खिलाया था और रात 10 बजे वह सो गई थी।
------------------------------------------------
बहुत अच्छा परिवार था, नवेंद्र भैया को छठ बाद जाना था बंगलूरू

राजेंद्र के घर रेनू खाना बनाती थी। जिया बर्तन धोती थी और रीता सफाई करती थी। रेनू ने बताया कि सोमवार की शाम उसे काम था, इसलिए वह रोटी-सब्जी बनाकर शाम छह बजे चली गई थी। रेनू ने कहा कि पूरा परिवार बहुत अच्छा था। कभी आपस में कहासुनी भी नहीं होती थी। उसने बताया कि नमनेंद्र भैया बंगलूरू में किसी मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते थे। वह दीपावली के पहले आए थे और छठ मनाने के बाद उन्हें वापस जाना था।

गौरांगी और सुबेंद्र शहर के एक नामी स्कूल में कक्षा 10 और आठ में पढ़ते थे। गौरांगी का हाल में परीक्षा में कम नंबर आया था तो उसकी मां ने उसे डांटा था। उन्होंने कहा था कि अगली बार अच्छा नंबर लाओगी तो तुम्हें मोबाइल दिलाएंगे।
-------------------------------------------------------
सहेली बोली- तांत्रिक के चक्कर में राजेंद्र ने की हत्या

पूरे परिवार की हत्या की जानकारी पाकर नीतू की सहेली शिल्पी कुशवाहा मौके पर पहुंची। उसने कहा कि राजेंद्र किसी तांत्रिक के चक्कर में पड़ा हुआ था। वह तांत्रिक कहता था कि तुम्हारी पत्नी तुम्हारे प्रगति में बाधक बनी हुई है। यह बात उसे नीतू ने बताई थी। इसी वजह से राजेंद्र ने अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या की है। हालांकि जब राजेंद्र का भी शव मिल गया तो शिल्पी की बात को पुलिस ने सिर्फ अफवाह ही माना।
उधर, राजेंद्र के पड़ोस में रहने वाले समाजवादी पार्टी महानगर के महासचिव योगेंद्र यादव ने कहा कि राजेंद्र और उसकी पत्नी व बच्चों की हत्या की गई है। पुलिस को घटना का सही तरीके से खुलासा करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed