फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Drone-based Sowing at BHU Crop Monitoring Set to Become Easier and More Effective

बीएचयू में ड्रोन से बोआई: अब फसल की निगरानी होगी आसान और प्रभावी, ऐसे होगा संचालन; कार्यशाला में दी जानकारी

Sat, 23 May 2026 02:19 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 23 May 2026 02:19 PM IST
सार

Varanasi News: बीएचयू में ड्रोन आधारित खेती पर राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हुई, जिसमें फसल बोआई, क्रॉप मॉनिटरिंग और सुरक्षित कृषि तकनीकों पर चर्चा हुई। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि ड्रोन तकनीक से खेती की लागत घटेगी और किसानों की आय बढ़ेगी। कार्यशाला में 400 किसान, वैज्ञानिक, ड्रोन दीदी और कृषि विशेषज्ञ शामिल हुए।

विज्ञापन
Drone-based Sowing at BHU Crop Monitoring Set to Become Easier and More Effective
ड्रोन से बोआई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

BHU: बीएचयू में ड्रोन से फसल बोआई, क्रॉप मॉनिटरिंग, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई), लेबल रीडिंग और फील्ड ऑपरेशन जैसे विषयों पर राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला में ड्रोन तकनीक से किसानों की लागत घटाने, आय बढ़ाने और सुरक्षित खेती को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने 400 प्रगतिशील किसानों, स्वयं सहायता समूहों, ड्रोन दीदियों, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, अधिकारियों और विद्यार्थियों को संबोधित किया।

विज्ञापन


शुक्रवार को कृषि विज्ञान संस्थान स्थित शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि आधुनिक कृषि को तकनीक आधारित, सुरक्षित और टिकाऊ बनाना होगा। ड्रोन से सटीक छिड़काव, समय की बचत, लागत में कमी और कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से सुरक्षा मिलेगी। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल शिक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें ग्रामीण परिवर्तन और तकनीकी नवाचार का केंद्र बनना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों से कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए नवाचार आधारित शोध करने का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


विशिष्ट अतिथि डॉ. संजय सिंह ने कहा कि कृषि विभाग को विश्वविद्यालयों और उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करना चाहिए। ऐसी कार्यशालाएं किसानों और ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ेंगी। कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. यूपी सिंह ने कहा कि ड्रोन आधारित प्रिसीजन फार्मिंग भविष्य की कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रही है। 

ड्रोन टेक्नोलॉजी से होगा क्रॉप प्रोटेक्शन
क्रॉपलाइफ इंडिया के सेक्रेटरी जनरल दुर्गेश चंद्र शर्मा ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य ड्रोन दीदियों, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, किसानों और कृषि छात्रों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना है। ड्रोन टेक्नोलॉजी के जरिए क्रॉप प्रोटेक्शन उत्पादों के सुरक्षित, विवेकपूर्ण और वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी। क्रॉपलाइफ इंडिया की सदस्य डॉ. प्रियंका ने रसायनों के सुरक्षित उपयोग, प्राथमिक उपचार और जिम्मेदार कृषि रसायन प्रबंधन पर जानकारी दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed