डीआरआई ने पकड़ा सवा करोड़ का गांजा: ट्रक में चावल की भूसी के नीचे छुपाकर रखा था, सगे भाई सहित तीन गिरफ्तार
वाराणसी में डीआरआई ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए डाफी टोल प्लाजा के पास ट्रक में लदी चावल की भूसी के नीचे छिपाकर रखा गया 590 किलो गांजा बरामद किया।
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वाराणसी में डीआरआई की टीम ने शुक्रवार को डाफी स्थित टोल प्लाजा के पास से एक ट्रक से 590 किलो गांजा पकड़ा। इस दौरान सगे समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। ट्रक में चावल की भूसी में छुपाकर ओडिशा के रायगढ़ से मुरादाबाद ले जाए जा रहे गांजे की कीमत एक करोड़ 18 लाख रुपये आंकी गई है। डीआरआई की टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
डीआरआई के वरिष्ठ खुफिया अधिकारी आनंद राय के अनुसार सूचना मिली थी कि हाईवे से गांजा की एक बड़ी खेप ओडिशा से होकर पश्चिमी यूपी को जाने वाली है। इस पर टीम को अलर्ट करते हुए नेशनल हाईवे पर कोलकाता से आने वाले ट्रकों की चेकिंग शुरू करा दी गई।
डाफी टोल प्लाजा पर एक संदिग्ध ट्रक को रोक उसकी तलाशी ली गई तो उसमें सवार तीन युवक भागने लगे, जिन्हें टीम के अन्य साथियों ने पकड़ा। ट्रक के अंदर चावल की भूसी के बीच बंडल में छुपाकर गांजा रखा हुआ था। पूछताछ के दौरान रामपुर के स्वार निवासी मोहम्मद इरफान, नौगवां के रहने वाले सगे भाई अकरम अली और आसिफ अली ने बताया कि यह माल मुरादाबाद पहुंचाना था, सिर्फ यही जिम्मेदारी हम तीनों को मिली थी।
मुरादाबाद मादक पदार्थ तस्करों का बड़ा गढ़
डीआरआई टीम को आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उड़ीसा के रायगढ़ से यह माल लेकर आ रहे थे। इसके एवज में तीनों को 50-50 हजार रुपये बतौर कूरियर एजेंट मिलते। डीआरआई अधिकारियों के अनुसार मुरादाबाद मादक पदार्थ तस्करों का बड़ा गढ़ है। यहीं से गांजा की खेप नई दिल्ली और पंजाब में पहुंचाई जाती है। तीन साल पूर्व भी डीआरआई की टीम ने लगभग तीन क्विंटल गांजा की खेप पकड़ी थी, जो मुरादाबाद ही भिजवाई जा रही थी।
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