डॉ. टीके लहरी मामला: जांच के लिए गठित की दो टीमें, दोनों में बीएचयू के ही डॉक्टर और अफसर
डॉ. टीके लहरी की पिटाई के मामले ने तूल पकड़ लिया। मामला संज्ञान में आने के बाद बीएचयू प्रशासन ने जांच के लिए दो कमेटी गठित की, लेकिन दोनों में बीएचयू के ही डॉक्टर और अफसर शामिल किए गए हैं।
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डॉ. टीके लहरी मामले में जांच कमेटी के गठन और उसपर नेताओं के बयान हैरान करने वाले हैं। बीएचयू प्रशासन ने जहां लहरी को भूलने की बीमारी बताई है, वहीं भाजपा विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि लहरी के साथ मारपीट नहीं हुई थी, ऐसा मुलाकात में डॉ. लहरी ने बताया है। इसी तरह राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने भी बयान जारी किया कि डॉ. लहरी ने मारपीट की घटना से इन्कार किया है। अब सवाल उठता है कि मानसिक रोग से ग्रसित व्यक्ति ऐसा कैसे बता सकता है।
इसी तरह मामले में दो जांच कमेटी बनी है। एक कमेटी बीएचयू प्रशासन ने तो दूसरी राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने बनाई है लेकिन दोनों में ही कमेटियों में आईएमएस और बीएचयू के अधिकारी ही शामिल हैं। इससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। लहरी के परिजनों की मांग है कि मामले की जांच न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में कराई जाए।
बीएचयू की जांच कमेटी में काॅर्डियोलाॅजी विभाग के प्रो. विकास अग्रवाल, मेडिसिन के प्रो. एलपी मीना, मानसिक रोग विभाग के प्रो. अच्युत पांडेय, जिरियाटि्रक मेडिसिन के प्रो. एसएस चक्रवर्ती, न्यूरोलॉजी के प्रो. अभिषेक पाठक, क्रिटिकल केयर के प्रो. विक्रम गुप्ता और टीबी एंड चेस्ट रोग विभाग के डॉ. अतुल तिवारी शामिल हैं।
वहीं, बीएचयू अस्पताल में प्रो. टीके लहरी को थप्पड़ मारे जाने के आरोपों से नाराज छात्रों ने रविवार की शाम बीएचयू परिसर के विश्वनाथ मंदिर गेट पर प्रदर्शन किया। नाराजगी जताई और घटना की निंदा की। साथ ही आरोपी के खिलाफ खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
एबीवीपी के राष्ट्रीयमंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा, अस्पताल परिसर में किसी मरीज, विशेषकर वयोवृद्ध एवं पद्मश्री से सम्मानित चिकित्सक के साथ इस प्रकार की घटना सामने आना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मामले में बिना किसी दबाव के त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
सपा नेता रीबू श्रीवास्तव रविवार की शाम छात्रनेताओं के साथ अस्पताल पहुंची। यहां उन्होंने प्रो.लहरी से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना। रीबू ने प्रो.लहरी जैसे चिकित्सक के साथ अभद्रता एवं मारपीट की घटना को बेहद निंदनीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से ऐसे व्यक्ति को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी चिकित्सक अथवा सेवाभावी कर्मचारी के साथ इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।इस दौरान महानगर अध्यक्ष बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी अमन यादव, बीएचयू इकाई अध्यक्ष हिमांशु यादव, राधेश्याम समिति सहित कई छात्र मौजूद रहे।
सपा नेताओं ने की बैठक, गिरफ्तारी की मांग
महानगर समाजवादी पार्टी की आपात बैठक महानगर अध्यक्ष दिलीप डे के अध्यक्षता में रविवार को बुलाई गई। इसमें प्रो.टीके लहरी के ऊपर किए गए हमले की आलोचना करते हुए इसे अत्यंत गम्भीर मामला बताया और जिला प्रशासन से तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि डाॅ. लहरी की छवि आम जनता में भगवान के बराबर है। ऐसे व्यक्ति को गाली देना, थप्पड़ मारना गलत है। चेतावनी दी कि यदि तत्काल हमलावर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो समाजवादी पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। बैठक में डॉ. सूबेदार सिंह, डाॅ.बहादुर सिंह यादव, महेन्द्र सिंह यादव,अजहर अली सिद्दीकी, राजेश यादव सिर, रजत बाल्मीकि, विवेक जोसफ, योगेंद्र यादव आदि लोग मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने रविवार की शाम बीएचयू पहुंचकर डॉ.टीके लहरी का हाल जाना। उन्होंने डॉ. लहरी से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने डॉ. लहरी के उपचार में जुटे चिकित्सकों से भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति और चल रहे उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। राजयमंत्री ने डॉ. लहरी के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के लिए प्रशासन को निर्देशित किया। उन्होंने डॉ. लहरी को आश्वस्त किया कि उनके उपचार एवं स्वास्थ्य से जुड़ी हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
मेयर ने की कुलपति से बात
अमर उजाला के द्वारा इस मामले को उठाने के बाद आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार और चिकित्सा अधीक्षक प्रो.पुनीत कुमार ने रविवार को आईसीयू में जाकर प्रो टीके लहरी से मुलाकात की है। विधायक सौरभ श्रीवास्तव और कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने उनसे जाकर मुलाकात की है। मेयर अशोक तिवारी ने वीसी से बात कर जांच करने को कहा है। मेयर ने कहा कि डॉ लहरी का सम्मान है। उनका बेहतर इलाज किया जाना चाहिए।
डॉक्टर लहरी कार्डियोथोरेसिक विभाग के इमेरिटिस हैं। जिसका मतलब है वो जीवनभर संस्थान को अपनी सेवा दे सकते हैं। उन्हें वहां आने से कोई मना नहीं कर सकता।