डॉ. आलोक के करीबियों ने पत्रकार से की गुंडागर्दी, मूकदर्शक बन कर देखती रही पुलिस
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वाराणसी के हाईप्रोफाइल केस में गुरुवार की सुबह अचानक से पुलिस को आरोपी डॉ. आलोक सिंह मिल गए। पुलिस ने डॉ. आलोक सिंह को गिरफ्तार भी कर लिया, लेकिन इस दौरान डॉ. आलोक सिंह के करीबियों की गुंडागर्दी देखने को मिली है।
डॉ. आलोक सिंह को जब पुलिस गिरफ्तार कर के ले जा रही थी उस दौरान वहां मौजूद पत्रकारों ने डॉ. आलोक से बात करने की कोशिश की। जिस पर उनके करीबियों ने एक न्यूज चैनल के पत्रकार का माइक और कैमरा तोड़ दिया। वहां मौजूद पुलिस ये सब होते चुपचाप देखती रही।
पुलिस ने पत्रकार की शिकायत के बाद भी डॉ. आलोक सिंह के समर्थकों पर कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं, नाटकीय घटनाक्रम में गिरफ्तार हुए डॉ. आलोक को कैंट इंस्पेक्टर का वीआईपी ट्रीटमेंट (VIP treatment) भी मिला। इंस्पेक्टर कैंट ने उन्हें अपने सामने कुर्सी पर बैठाया।
इसके बाद इंस्पेक्टर कैंट ने डॉ. आलोक के लिए पानी की बोतल, नमकीन, बिस्किट और चाय मंगवाई। कैंट इंस्पेक्टर ने ऐसा क्यों किया, इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ नहीं कहा। बता दें कि डॉ. आलोक के जीजा एमपी सिंह आईएएस हैं और वह जिले के एक राज्य मंत्री के बेहद करीबी हैं।
ये है पूरा मामला
बीती दो जुलाई को टैगोर टाउन की डॉ. रीना सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। डॉ. रीना के पिता रंगनाथ सिंह की तहरीर पर कैंट थाने में डॉ. आलोक और उनके मां-बाप के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। कैंट पुलिस के प्रार्थना पत्र पर 23 जुलाई को अदालत ने डॉ. आलोक और उनके मां-बाप को फरार घोषित किया था। इसके बाद पुलिस कुर्की की तैयारियां कर रही थी कि तभी नाटकीय घटनाक्रम में डॉ. आलोक गिरफ्तार हो गए।