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नारी..तू नारायणी: बीएचयू की पहली महिला न्यूरो सर्जन डॉ. नीति के जज्बे को सलाम, घर वालों ने रखी थी ये शर्त
Sun, 15 Oct 2023 12:36 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Sun, 15 Oct 2023 12:36 PM IST
सार
डॉ. नीति बीएचयू की पहली महिला न्यूरो सर्जन हैं। विभाग में रेजिडेंट के चार पदों में तीन पद पर पुरुष डॉक्टर है जबकि अकेली महिला डॉक्टर के रुप में मरीजों की सेवा कर डॉ. नीति ने अलग पहचान बनाई है।
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बीएचयू की पहली महिला न्यूरो सर्जन डॉक्टर नीति मोदी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नारी, तू नारायणी, इस जग की पालनहारिणी...जी हां बीएचयू की पहली महिला न्यूरो सर्जन डॉ. नीति इस जज्बे को सच कर रही हैं। झारखंड के कोडरमा की रहने वाले नीति ने जब न्यूरो सर्जरी को बतौर करियर चुना तो सभी ने कहा कि यह बेहद कठिन है, लेकिन मन में मरीजों की सेवा का जज्बा था जिसने यह राह आसान बना दी।
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डॉ. नीति बीएचयू की पहली महिला न्यूरो सर्जन हैं। विभाग में रेजिडेंट के चार पदों में तीन पद पर पुरुष डॉक्टर है जबकि अकेली महिला डॉक्टर के रुप में मरीजों की सेवा कर डॉ. नीति ने अलग पहचान बनाई है। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर स्थित न्यूरो सर्जरी विभाग में सीनियर रेजिडेंट डॉ. नीति का कहना हे कि पहले प्रयास में ही नीट एसएस के माध्यम से होने वाली प्रवेश परीक्षा में भाग लिया। अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली परीक्षा में पहले ही प्रयास में दाखिला हो गया। जब ज्वाइनिंग करने आई तो पता चला कि बीएचयू में इस कोर्स के लिए चार सीट है। तीन पर पुरुष है, जबकि मैं अकेली महिला डॉक्टर थी। इन सबको भूलकर मैंने मरीजों की सेवा का जो संकल्प लिया था, उसे पूरे मनोयोग के साथ पूरा कर रही हूं।
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घर वालों ने रखी थी शर्त, नहीं हुआ चयन तो कर देंगे शादी
डॉ. नीति ने कहा कि 9 जनवरी 2023 को बीएचयू में ज्वाइन किया। 12वीं के बाद जब मैंने एमबीबीएस की तैयारी शुरू की तो उस समय घर वालों ने मेरे सामने शर्त रख दी थी कि अगर चयन नहीं हुआ तो मेरी शादी करवा देंगे। मैंने भी ठान लिया था कि अपने सपने को सच करना है। दिन रात की मेहनत का परिणाम रहा कि आज मेरा सपना सच हो गया है।
इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की सेवा से मिलता है सुकून
डॉ. नीति मोदी को इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की सेवा में बहुत सुकून मिलता है। उनका कहना है कि इमरजेंसी विशेषकर ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीजों के इलाज में समय कम होता है, उनको बचाना बड़ी चुनौती होती है। इस वजह से ही उसने एमबीबीएस करने के बाद न्यूरो सर्जरी से पीजी करने का फैसला लिया। बीएचयू में ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह के साथ ही न्यूरो सर्जरी से डॉ. अनुराग साहू, एनीस्थीसिया से डॉ. कविता मीना, डॉ. राजेश मीना सहित हर कोई उसकी सराहना कर रहा है।
बीएचयू
- फोटो : फाइल
मध्यमवर्गीय परिवार से हैं नाता
डॉ. नीति के पिता वीरेंद्र मोदी क्रशर प्लांट में काम करते थे। माता उर्मिला देवी गृहिणी हैं। बड़ी बहन निक्की इंजीनियर है। भाई नीतेश ने एसएससी की परीक्षा पास कर कस्टम डिपार्टमेंट में हैं। छोटी बहन इस समय बीएससी कर रही है।
दिल्ली से किया एमबीबीएस
डॉ. नीति का कहना है कि दादाजी न्यूरो सर्जन बनने की प्रेरणा देते थे। 2010 में हाईस्कूल की परीक्षा पास करने के बाद 11-12वीं की पढ़ाई करने कोटा चली गई। इंटर के बाद से डॉक्टर बनने की तैयारी करनी थी। इसके लिए दिल्ली में लेडी हर्ट मेडिकल कॉलेज से 2012 में एमबीबीएस और दिल्ली के ही गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज दिल्ली से ही पीजी किया। 2021 में पीजी पूरा होने के बाद शिमला स्थित मेडिकल कालेज से 2022 में एमसीएच न्यूरो सर्जरी के सीनियर रेजिडेंट के रुप में काम कर मरीजों की सेवा का अवसर मिला।
डॉ. नीति के पिता वीरेंद्र मोदी क्रशर प्लांट में काम करते थे। माता उर्मिला देवी गृहिणी हैं। बड़ी बहन निक्की इंजीनियर है। भाई नीतेश ने एसएससी की परीक्षा पास कर कस्टम डिपार्टमेंट में हैं। छोटी बहन इस समय बीएससी कर रही है।
दिल्ली से किया एमबीबीएस
डॉ. नीति का कहना है कि दादाजी न्यूरो सर्जन बनने की प्रेरणा देते थे। 2010 में हाईस्कूल की परीक्षा पास करने के बाद 11-12वीं की पढ़ाई करने कोटा चली गई। इंटर के बाद से डॉक्टर बनने की तैयारी करनी थी। इसके लिए दिल्ली में लेडी हर्ट मेडिकल कॉलेज से 2012 में एमबीबीएस और दिल्ली के ही गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज दिल्ली से ही पीजी किया। 2021 में पीजी पूरा होने के बाद शिमला स्थित मेडिकल कालेज से 2022 में एमसीएच न्यूरो सर्जरी के सीनियर रेजिडेंट के रुप में काम कर मरीजों की सेवा का अवसर मिला।