Sonbhadra News: भ्रष्टाचार के आरोप में DPO निलंबित, शासन ने की कार्रवाई; महिला कर्मियों का भी करते थे उत्पीड़न
Varanasi News: संयुक्त सचिव अशोक कुमार तिवारी की ओर से जारी पत्र में उन्हें जांच पूरी होने तक विंध्याचल मंडल के आयुक्त कार्यालय से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि देय होगी, लेकिन इसके लिए उन्हें यह प्रमाण पत्र देना होगा कि उन्हें अन्य माध्यम से आय नहीं हो रही।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया है। उन पर फतेहपुर में तैनाती के दौरान अधीनस्थों से धनउगाही करने, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने, महिला कर्मचारियों के मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप हैं।
शासन ने उन्हें मंडलायुक्त कार्यालय विंध्याचल से संबद्ध किया है। आरोपों की विस्तृत जांच के लिए विभाग के अपर निदेशक वित्त को नामित किया गया है।
राजीव सिंह को करीब डेढ़ साल पहले सोनभद्र में तैनाती दी गई थी। इससे पहले वह फतेहपुर जिले में इसी पद पर सेवा दे रहे थे। उनके कामकाज को लेकर शासन में शिकायत की गई थी। आरोप है कि लोकसेवक के पद पर कार्यरत होने के बावजूद उनका आचरण ठीक नहीं था।
वह अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से उगाही करने के साथ ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं। विभागीय योजनाओं के संचालन में लापरवाही के आदी हैं। अन्य विभागों से भी उनका कोई समन्वय नहीं है। इससे बाल विकास विभाग के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों की प्रगति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करते हुए मनमाने ढंग से काम करते हैं।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने राज्यपाल की स्वीकृति के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अपर निदेशक (वित्त) लखनऊ को जांच अधिकारी नामित किया है।
वरिष्ठ निरीक्षक के इशारे पर रिश्वत ले रहा था प्रयोगशाला सहायक
रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए बाट माप विभाग के प्रयोगशाला सहायक को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस ने विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक को भी आरोपी बनाया है। उसकी तलाश की जा रही है। दावा है कि वरिष्ठ निरीक्षक के कहने पर ही प्रयोगशाला सहायक रिश्वत ले रहा था।
चंदौली जिले के पीडीडीयूनगर निवासी बाट-माप के सत्यापन, नवीनीकरण व मरम्मत के लाइसेंसी नंदलाल गुप्ता ने एंटी करप्शन टीम से विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि सोनभद्र में तैनात विभाग के कर्मचारी उनसे विभिन्न कार्यों के एवज में रिश्वत चाह रहे हैं।
न देने पर उनके ग्राहकों को परेशान किया जा रहा। इस शिकायत एंटी करप्शन मिर्जापुर के निरीक्षक विनय सिंह के नेतृत्व में टीम जिले में पहुंची थी। योजना बनाकर टीम ने विभाग के प्रयोगशाला सहायक संजीव कुमार जायसवाल को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया था। देर रात मामले में सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए टीम ने आरोपी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
सदर कोतवाल सत्येंद्र राय ने बताया कि एंटी करप्शन के निरीक्षक विनय सिंह की तहरीर पर आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज कर कोर्ट के लिए चालान कर दिया गया। उसने पूछताछ में बाट माप कार्यालय में तैनात वरिष्ठ निरीक्षक सुदेश कुमार का भी नाम बताया है। उसी के कहने पर वह रिश्वत ले रहा था। सुदेश कुमार को साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। उसकी तलाश की जा रही है।