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नहर में बहकर पहुंची डॉल्फिन, चार दिन तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
Thu, 21 Feb 2019 10:24 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
Published by: Sayali Maurya
Updated Thu, 21 Feb 2019 10:24 AM IST
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डॉल्फिन का रेस्क्यू करती टीम
- फोटो : amar ujala
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यूपी के जौनपुर में पिछले चार दिनों से एक डॉल्फिन कौतूहल का विषय बनी हुई है। जिले के नहर में शनिवार की दोपहर एक समुद्री मछली डाल्फिन कहीं से बहकर कर आ गई। मछली को देखने के लिए उक्त नहर के दोनों किनारों पर करीब चार सौ मीटर तक आस-पास के ग्रामीण एवं नगर के लोगों का हुजूम उमड़ रहा था।
वन विभाग की टीम ने काफी प्रयास किया लेकिन उसे निकालने में सफलता नहीं मिली। वन विभाग ने लखनऊ से अधिकारियों को बुलाया। बुधवार को सुबह दस बजे के करीब डीएफओ एपी पाठक के नेतृत्व में लखनऊ के वन अधिकारी डा. शैलेंद्र सिंह, अरुणिमा सिंह, डा. राधवेंद्र तथा जौनपुर के पशु चिकित्सक सुरेश पाल सिंह, वन संरक्षण अधिकारी बीडी पांडेय, रेंजर आरएन मिश्र , रेंजर चंद्र शेखर मिश्रा ने मछुआरों की मदद से डाल्फिन को पकड़ने का कार्य प्रारंभ किया गया।
घंटों मेहनत के बाद सफलता मिल गई। उधर इस मछली को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ लगी रही। पुलिस को भी लोगों को नियंत्रित करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। डीएफओ के एके पाठक ने बताया कि नहर में बह कर डाल्फिन मछली कैसे आ गई। यह बात समझ में नहीं आ रही है । फिलहाल इसे सुरक्षित नहर से निकाल प्रयागराज ले जाया जा रहा है, जहां हंडिया तहसील स्थित लाक्षागृह घाट पर गंगा नदी में छोड़ दिया जाएगा।
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वन विभाग की टीम ने काफी प्रयास किया लेकिन उसे निकालने में सफलता नहीं मिली। वन विभाग ने लखनऊ से अधिकारियों को बुलाया। बुधवार को सुबह दस बजे के करीब डीएफओ एपी पाठक के नेतृत्व में लखनऊ के वन अधिकारी डा. शैलेंद्र सिंह, अरुणिमा सिंह, डा. राधवेंद्र तथा जौनपुर के पशु चिकित्सक सुरेश पाल सिंह, वन संरक्षण अधिकारी बीडी पांडेय, रेंजर आरएन मिश्र , रेंजर चंद्र शेखर मिश्रा ने मछुआरों की मदद से डाल्फिन को पकड़ने का कार्य प्रारंभ किया गया।
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घंटों मेहनत के बाद सफलता मिल गई। उधर इस मछली को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ लगी रही। पुलिस को भी लोगों को नियंत्रित करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। डीएफओ के एके पाठक ने बताया कि नहर में बह कर डाल्फिन मछली कैसे आ गई। यह बात समझ में नहीं आ रही है । फिलहाल इसे सुरक्षित नहर से निकाल प्रयागराज ले जाया जा रहा है, जहां हंडिया तहसील स्थित लाक्षागृह घाट पर गंगा नदी में छोड़ दिया जाएगा।
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