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कुत्तों का खौफ: वाराणसी में सड़कों पर घूम रहे 30 हजार से अधिक कुत्ते, एक माह में 3500 से अधिक लोगों को काटा

Thu, 08 Feb 2024 05:43 PM IST
प्रगति चंद रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी
रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 08 Feb 2024 05:43 PM IST
सार

वाराणसी में स्वास्थ्य केंद्रों पर जनवरी 2024 में 3500 से अधिक लोग कुत्ता काटने के बाद वैक्सीन लगवाने पहुंचे। नगर निगम के पशु अस्पताल में आठ साल में महज 18 हजार कुत्तों की नसबंदी की गई है। सड़कों पर इस समय 30 हजार से अधिक आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। 
 

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Dogs bit more than 3500 people in Varanasi in a month
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

वाराणसी में कुत्तों के काटने की घटना लगातार बढ़ रही हैं। इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि सिर्फ जनवरी में ही अस्पतालों में तीन हजार से अधिक लोग एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने पहुंचे। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, शास्त्री अस्पताल रामनगर के साथ ही अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में जनवरी 2024 में 3500 से अधिक लोग कुत्ता काटने के बाद वैक्सीन लगवाने पहुंचे।

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इसमें सबसे अधिक मंडलीय अस्पताल में 1237, जिला अस्पताल में 1200, शास्त्री अस्पताल में 267 लोगों को वैक्सीन की निर्धारित डोज लगाई गई। स्वास्थ्य केंद्रों पर भी करीब 1000 वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इसमें दो हजार से अधिक संख्या बच्चों और किशोरों की हैं। शहर भर में सड़कों पर इस समय 30 हजार से अधिक आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। इसी का नतीजा है कि कुत्ते के काटने की घटनाएं बढ़ी हैं।
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पिछले आठ साल (2016 से 2023) में नगर निगम के पशु अस्पताल की ओर से महज 18 हजार की ही नसबंदी कराई गई। अब भी 12 हजार कुत्ते बिना नसबंदी के घूम रहे हैं। वहीं, पांच हजार पालतू कुत्ते भी घर में हैं और इनमें 4200 का पशु अस्पताल में कोई रिकॉर्ड ही नहीं है।

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कुत्तों के सर्वे के लिए लिया जा रहा पार्षदों का सहारा

जिला पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अजय प्रताप सिंह का कहना है कि सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों को पकड़कर नसबंदी का अभियान चलाया जा रहा है। जहां तक 4200 पालतू कुत्तों के पंजीकरण न करवाने की बात है तो लोग इसके लिए आगे नहीं आते हैं। अब निगम के तहत आने वाले वार्डों में पार्षदों से सहयोग लेकर सर्वे कराया जा रहा है।

लोगों को कुत्तों का पंजीकरण कराने के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। कुत्ता काटने की घटना के बाद इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पीके सिंह का कहना है कि जब भी किसी को कुत्ता काटे तो उस जगह को साबुन से करीब आधे घंटे तक रनिंग वाटर से धुलाई करते रहें।

इसके बाद उस जगह को खुला छोड़ देना चाहिए। कोशिश यह होनी चाहिए कि 24 घंटे के भीतर टिटनेस और एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं। अगर घर में पालतू कुत्ते हैं तो उसे भी जरूरी वैक्सीन लगवानी चाहिए।

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