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BHU Fraud: फर्जी इंटर्न से अपनी ड्यूटी कराने वाले डॉक्टरों की मुसीबतें बढ़ीं, अब दोबारा करनी होगी इंटर्नशिप

Wed, 25 Jan 2023 04:31 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Wed, 25 Jan 2023 04:31 PM IST
सार

बीएचयू में फर्जी इंटर्न से अपनी ड्यूटी कराने वाले डॉक्टरों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। जांच समिति ने मंगलवार को मामले की सील बंद रिपोर्ट संस्थान के निदेशक को सौंप दी। समिति ने सिफारिश की है कि डॉक्टरों ने जितने दिन फर्जी इंटर्न से ड्यूटी कराई थी, उतने दिन फिर से खुद इंटर्नशिप करें। फर्जी इंटर्न ने जितने दिन ड्यूटी की थी, उसे अमान्य किया जाए।

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Doctors duties done by fake interns have increased troubles internship will have to be done again
सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू - फोटो : फाइल

विस्तार

चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) बीएचयू में फर्जी इंटर्न से अपनी ड्यूटी कराने वाले डॉक्टरों (एमबीबीएस इंटर्न) की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। विश्वविद्यालय की जांच समिति ने मंगलवार को मामले की सील बंद रिपोर्ट संस्थान के निदेशक को सौंप दी। समिति ने सिफारिश की है कि डॉक्टरों ने जितने दिन फर्जी इंटर्न से ड्यूटी कराई थी, उतने दिन फिर से खुद इंटर्नशिप करें। फर्जी इंटर्न ने जितने दिन ड्यूटी की थी, उसे अमान्य किया जाए। साथ ही विशेषज्ञों की समिति बनाकर दोबारा कड़ी निगरानी में इंटर्नशिप कराई जाए। यही नहीं, आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) को पत्र लिखने की सिफारिश भी की गई है। अब मामले में निदेशक, फिर कुलपति को फैसला लेना है।     

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 बीएचयू के डॉ. नितिन, डॉ. शुभम, डॉ. कृति अरोड़ा और डॉ. सौमिक डे सहित सात के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें तीन फर्जी इंटर्न अभिषेक, मोहित व प्रीति चौहान भी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले ही प्रो. संजीव गुप्ता की अध्यक्षता में बनी चार सदस्यीय जांच समिति ने आईएमएस के निदेशक प्रो. एसके सिंह को रिपोर्ट सौंप दी। समिति ने तीन दिन (22-24) में जांच पूरी की है। पहले तीनों फर्जी इंटर्न के बयानों के वीडियो देखे गए, फिर चारों डॉक्टरों से पूछताछ की गई। खास बात यह है कि तीन डॉक्टरों ने फर्जी इंटर्न से ड्यूटी कराने की बात मौखिक व लिखित रूप से स्वीकारी है। अपनी गलती भी मानी, लेकिन डॉ शुभम ने अलग बयान दिया है। डॉ शुभम ने खुद इंटर्नशिप करने का बयान दिया है। वहीं, दूसरी तरफ फर्जी इंटर्न ने लिखकर दिया था कि वे सब मुकदमे में नामजद डॉक्टरों की जगह ही ड्यूटी करते थे। इसी का नतीजा रहा कि समिति ने एनएमसी को पत्र लिखने की सिफारिश कर दी है। सूत्रों का कहना है कि एनएमसी के पास मामला गया तो डॉक्टरों की कड़े फैसले का सामना करना पड़ सकता है।    
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Doctors duties done by fake interns have increased troubles internship will have to be done again
सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू - फोटो : फाइल
तीन महीने करनी पड़ सकती है इंटर्नशिप 
एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद आईएमएस बीएचयू से एक साल की इंटर्नशिप करनी पड़ती है। इसके बाद उन्हें जो सर्टिफिकेट मिलता है, उसके आधार पर पीजी में दाखिले की प्रवेश परीक्षा देते हैं। सफलता मिलने के बाद दाखिले की औपचारिकता पूरी करते हैं। जिन डॉक्टरों ने अपनी ड्यूटी दूसरे से कराई है, उसमें से एक डॉ. शुभम का मामला उलझा है। बताया जा रहा है कि डॉ शुभम की जगह फर्जी इंटर्न लंबे समय से ड्यूटी कर रहा था। इसके साक्ष्य फर्जी इंटर्न ने लिखित तौर पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड को दिए हैं। वहीं, डॉ. नितिन, डॉ. सौमिक डे और डॉ. कृति अरोड़ा की इंटर्नशिप 31 मार्च तक पूरी होगी। फरवरी व मार्च तो पूरा बचा है। अगर जांच समिति की सिफारिश पर अमल हुआ तो संबंधित डॉक्टरों को फर्जी इंटर्न से कराई गई ड्यूटी दुबारा करनी पड़ेगी। यह ड्यूटी तीन महीने तक की हो सकती है। 

जांच समिति की रिपोर्ट मिल गई है। समिति ने मामले में  जो संस्तुति की है, उस पर नियमानुसार कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा। साथ ही रिपोर्ट एनएमसी को भेजी जाएगी। -प्रो.एसके सिंह, निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान

 

Doctors duties done by fake interns have increased troubles internship will have to be done again
बीएचयू सिंह द्वार - फोटो : अमर उजाला
कौन सच्चा व कौन झूठा, उलझी जांच समिति
मंगलवार की दोपहर में  डॉ. शुभम को जांच समिति ने बुलाया और पूछताछ शुरू की। जैसे ही डॉ. शुभम आए, वैसे ही समिति के अध्यक्ष ने उसे मोहित का लिखित बयान दिखा दिया। यह देख शुभम चौंके, लेकिन अपना बचाव करने लगे। उन्होंने लिखकर जवाब दिया कि अपनी ड्यूटी किसी से नहीं कराई। मोहित का बयान गलत है। दोनों का लिखित जवाब मिलने के बाद समिति जानना चाहती है कि आखिर कौन सच्चा और कौन झूठा है? सत्यता जांचने के लिए डॉ. शुभम की ड्यूटी अवधि के रिकार्ड मंगाए गए हैं ताकि हस्ताक्षर से मिलान किया जा सके।  

सपा नेता ने दिया ज्ञापन
सपा नेताओं ने मंगलवार को बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर कुलपति को संबोधित ज्ञापन दिया। सपा नेता अमन यादव ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस मामले में प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। 
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