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वाह गुरूजी! जिस विभाग में हैं तैनात उस विषय की डिग्री ही नहीं, बिहार के ओबीसी प्रमाणपत्र पर कर रहे नौकरी 

Tue, 28 Jul 2020 12:21 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 28 Jul 2020 12:21 AM IST
सार

  • काशी विद्यापीठ में प्रमाणपत्रों की जांच में हुआ खुलासा, प्रशासन को जाएगी रिपोर्ट 
  • छह से अधिक विभागों के शिक्षकों की सांसें अटकीं

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Do not have the degree of the subject posted in that department, doing jobs on OBC certificate of Bihar
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ।

विस्तार

बिहार के ओबीसी प्रमाणपत्र पर आरक्षित वर्ग में काशी विद्यापीठ में शिक्षक नियुक्त हो गए। यही नहीं, किसी विभाग में संबंधित विषय के गुरुजी के पास स्नातक की डिग्री ही नहीं है। ऐसे आधा दर्जन से अधिक मामले महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच में सामने आए हैं। जांच टीम मंगलवार को अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।

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सोमवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच में कई गड़बड़ियां सामने आईं। विश्वविद्यालय में 101 शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित प्रमाणपत्रों की जांच पूरी हो गई। कमेटी ने जांच शुरू की तो कुछ विभाग के अध्यापक प्रमाणपत्र प्रस्तुत करते समय सहमे रहे।

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एक प्रोफेसर ने बिहार के जाति प्रमाणपत्र के आधार पर उत्तर प्रदेश के आरक्षित वर्ग में नौकरी हासिल की। वह असिस्टेंट प्रोफेसर से प्रोफेसर बन चुके हैं। जबकि नियमानुसार दूसरे प्रदेश के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी की नियुक्ति दूसरे राज्य के विश्वविद्यालय में सामान्य के पद पर ही हो सकती है। 

वहीं, एक विभाग में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर के पास संबंधित विषय में स्नातक डिग्री ही नहीं है और वह अपनी पहुंच और गलत तरीकों से नियुक्त हो गए। कई ऐसे विभाग हैं, जिनमें मानकों की अनदेखी कर असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर बन बैठे हैं। जांच में गड़बड़ियों का खुलासा होने के बाद चर्चा चल रही है कि अब कई लोग नपेंगे।

नियुक्तियों पर पहले भी उठते रहे हैं सवाल

विश्वविद्यालय में शिक्षकों की गलत नियुक्ति को लेकर लंबे समय से आवाज उठती रही है। राजभवन तक ऐसे मामले पहुंचते रहे हैं, लेकिन लीपापोती होती रही। जांच टीम और विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि वह इस मामले पर फिलहाल कुछ नहीं कह सकते हैं। जांच रिपोर्ट तैयार है और यह प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
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