दिवाली पर हादसे: दो दिन में पटाखों से घायल 100 से ज्यादा मरीज पहुंचे अस्पताल, बच्चे के सिर पर फटा बम; भर्ती
त्योहार के दाैरान वाराणसी में लोग हादसे का भी शिकार हुए। हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से उनको सहायता तो मिली, लेकिन खुशियों के बीच मातम मच गया। बीएचयू से लेकर मंडलीय और जिला अस्पताल में बम-पटाखों से घायल लोगों का इलाज किया गया।
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Varanasi News: दीपावली पर सोमवार और मंगलवार को जिले के अस्पतालों में पटाखों से जलने वाले 100 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए विभिन्न सरकारी अस्पतालों में पहुंचे। अकेले बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में आसपास के जिलों से आए 54 मरीजों का इलाज हुआ।
इनमें 6 से अधिक बच्चे शामिल हैं। हाथ जलने, आंखों में आंच या बारूद जाने की घटनाएं अधिक रहीं। वहीं, पटाखे की आवाज से एक 18 वर्षीय युवक के कान का पर्दा फट गया। सभी मरीजों का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है।
बीएचयू के अलावा मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ लगी रही। अस्पतालों में पहुंचे कई मरीजों का प्राथमिक उपचार किया गया, जबकि गंभीर स्थिति में कुछ को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। दीपावली को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पहले से अलर्ट पर था, फिर भी देर रात तक घायलों की कतार लगती रही।
कई ट्राॅमा सेंटर किए गए रेफर
मंडलीय अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार, दो दिनों में पटाखों से 60 से अधिक मरीजों का इलाज हुआ। इनमें से 5 मरीजों को बीएचयू भेजा गया। जैतपुरा निवासी रोहित जायसवाल (34) के बाएं हाथ की दो अंगुलियां पटाखा जलाते समय उड़ गईं। राजघाट निवासी राजेश साहनी (24) बम फोड़ते समय झुलस गए।
दारानगर के रोशन (22), संजय (38) और शोभित (34) भी अलग-अलग जगहों पर पटाखा जलाते समय झुलस गए। मैदागिन चौराहे पर रॉकेट जलाते समय विनोद यादव (31) गंभीर रूप से झुलस गए। इससे उनका चेहरा, सीना और हाथ बुरी तरह जल गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
बच्चे के सिर पर फटा बम
इन मरीजों में एक ढाई साल का बच्चा ध्वय भी शामिल है, जिसे परिजन अस्पताल लेकर आए। उसके सिर पर बम फट गया था। डॉक्टरों ने तुरंत ड्रेसिंग की। ध्वय की मां ने बताया, बच्चा बाहर खेल रहा था। हम लोग भी वहीं थे। अचानक बम फटा और जाकर ध्वय को लगा। वह जमीन पर गिर पड़ा। जब उठाया तो उसके सिर से खून बह रहा था। चिकित्सकों ने सिर में टांके लगाकर उसका इलाज किया।
जिला अस्पताल में 25 मरीज पहुंचे
दूसरी ओर, जिला अस्पताल में सोमवार रात पटाखों से जलने के कारण 25 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से 5 मरीजों को प्लास्टिक सर्जरी की आवश्यकता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। रमेश लाल पप्पू (52) की पटाखे से हाथ की उंगली फट गई। धर्मेंद्र सिंह (20) का हाथ बुरी तरह जल गया। अशोक (37) की भी उंगली जल गई। अभिनव राय (32) और कट्टू (10) के हाथ जल गए।
पटाखों से घायल सभी मरीजों का अस्पतालों में गंभीरता से इलाज किया जा रहा है। दीपावली को देखते हुए तैयारियां पूरी थीं। इमरजेंसी में आए मरीजों का तत्काल उपचार किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें भर्ती भी किया गया है। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ वाराणसी