अंधेरे में बीती दिवाली... : 84 में से 57 गंगा घाटों पर अंधेरा, 103 स्ट्रीट लाइटें हैं खराब, कैसे होगी छठ पूजा
Varanasi News : वाराणसी के कई घाटों पर अंधेरा होने के कारण छठ पूरा करने आई व्रती महिलाओं और तमाम भक्तों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। एक दिन में इस समस्या का समाधान करना भी टेढ़ी खीर है। अब संबंधित विभाग के ऊपर है कि घाटों पर कैसे लाइट की व्यवस्था हो।
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काश अगले पांच दिनों तक सूरज ढले ही न और 24 घंटे रोशनी देता रहे। ताकि, गंगा घाटों का अंधेरा दूर हो और छठ पूजा करने वाले आसानी से अपना व्रत पूरा कर सकें। सबसे अधिक परेशानी उन व्रती महिलाओं को होगी, जो दूर दराज से शाम का अर्घ्य देने आती हैं और अगले दिन सूर्योदय को अर्घ्य देने के लिए गंगा घाटों पर रात गुजारती हैं। गंगा घाटों की 103 स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। इन्हें नगर निगम कब तक जलाएगा कुछ पता नहीं।
नगर निगम को सोचना पड़ेगा कि अंधेरा मिटता नहीं है मिटाना पड़ता है। बुझी स्ट्रीट लाइटों को फिर से जलाना पड़ता है। नहाय खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत 5 नवंबर से होगी। 7 नवंबर की दोपहर से लेकर 8 नवंबर की सुबह तक गंगा घाटों पर तकरीबन 10 लाख की भीड़ जुटने का अनुमान है। इस दौरान शाम से लेकर रात तक पूजा के बाद घाटों पर रुकने वाले लोगों को रोशनी की जरूरत होती है।
इन दिनों शाम होते ही गंगा के 84 में से 57 घाट अंधेरे में डूब जाते हैं। यहां 103 स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। जिन्हें अब तक दुरुस्त नहीं किया गया है। बड़े 27 घाटों पर हाईमास्ट लाइटें लगाईं गई हैं। जबकि बाकी घाटों पर तकरीबन 300 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं ताकि रात में रोशनी मिले। इन दिनों ज्यादातर लाइटें खराब होने से लोगों को छठ पूजा को लेकर चिंता सताने लगी है।
काशी को सुंदर दिखाने में स्ट्रीट लाइटों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शहर में 62373 स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, इनकी देखरेख का जिम्मा नगर निगम के पास है। हर बार मिनी सदन में स्ट्रीट लाइटों को लेकर हंगामा भी होता है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकल रहा।
सामनेघाट पर भी रहता है अंधेरा
नमो घाट के बाद आदिकेशव घाट पर स्थित आदिकेशव मंदिर के महंत ओमप्रकाश त्रिपाठी के अनुसार हमारे घाट के अलावा कई घाटों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रहीं हैं। घाट पर पूजा पाठ का काम करने वाली समितियों से जुड़े लोगों के अनुसार सामनेघाट, जानकीघाट, भदैनी घाट, आनंदमयी घाट, जैन घाट, प्रभु घाट, निषादराज घाट, पंचकोट घाट, चेतसिंह घाट, हनुमान घाट, पंचगंगा घाट, रामघाट, मेहता घाट, बालाजी घाट, भोंसले घाट, गंगा महल घाट, सिंधिया घाट, त्रिलोचन घाट, पंचगंगा, संकठा घाट पर लाइटें नहीं जल रहीं।
कुंड, तालाब और पोखरों की हालत भी ठीक नहीं
शहर के कुंड, तालाब और पोखरों की हालात छठ पूजा योग्य नहीं हैं। मूर्तियों के विसर्जन के बाद इनकी सफाई अब तक नहीं हुई है। काई, कूड़ा, गंदगी और बदबूदार पानी की सफाई का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। कहीं सिल्ट जमा है तो कहीं गंदगी का अंबार लगा है।
लक्ष्मीकुंड, रामकुंड, सूरजकुंड, मंदाकिनी कुंड, शंकुलधारा कुंड, दुर्गाकुंड, कर्दमेश्वर कुंड, ईश्वरगंगी, बकरिया कुंड, पितरकुंडा, पिशाचमोचन कुंड का हाल बेहाल है। उधर राजातालाब के ग्रामीण इलाकों के सरोवरों, तालाब की साफ सफाई लोगों ने शुरू कर दी है। शिवपुर के रामभट्ट तालाब, आला काला तालाब और पोखरे की सफाई शुरू हो गई है। छठ पूजा के लिए घाट और कुंड किनारे वेदी बनने लगी है।
बढ़ सकती हैं आपराधिक घटनाएं
गंगा घाटों, सड़कों-गलियों में अंधेरा होने की वजह से एक तरफ जहां लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, वहीं अपराधियों की भी पौ बारह होती है। बनारस की कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।
बोले अधिकारी
पानी में करंट न उतरे इसलिए बाढ़ के समय गंगा घाटों की स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन काटा गया था। कुछ स्ट्रीट लाइटों के बाॅक्स में सिल्ट घुसा था। इसे हटाकर तारों को दुरुस्त कराया जा रहा है। छठ पूजा को ध्यान में रखकर युद्धस्तर पर तैयारी चल रही है। पूजा शुरू होने से पहले लाइट से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं मुकम्मल हो जाएंगी। - एके सक्सेना, अधिशासी अभियंता, आलोक विभाग, नगर निगम
शहर में लगीं कुल स्ट्रीट लाइटें
| विभाग | लाइटें |
| ईईएसएल | 36094 |
| ठेकेदार | 10072 |
| स्मार्ट सिटी | 9611 |
| हेरिटेज लाइट्स | 5240 |
| डूडा | 401 |
| अन्य लाइटें | 959 |
| कुल लाइटें | 62373 |