जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: वाराणसी में कांग्रेस ने नहीं खोले पत्ते, सपा ने भाजपा पर लगाया प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम घोषित होते ही सियासत तेज हो गई है। भाजपा सहित सभी दल अपने पास ज्यादा जिला पंचायत सदस्य होने का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा ने अब तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर वाराणसी में भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) की टक्कर होनी तय है। लेकिन अभी तक कांग्रेस ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। उधर बसपा ने अपने जीते चारों जिला पंचायत सदस्यों को किसी को भी वोटिंग करने की छूट दे दी है।
वहीं, सपा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि प्रशासन का दुरुपयोग कर पार्टी के जिला पंचायत सदस्यों को परेशान किया जा रहा है। इन सबके बीच सपा के 14 जिला पंचायत सदस्य लखनऊ पार्टी मुख्यालय पहुंच गए हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने बताया कि उनकी पार्टी के छह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते हैं। पार्टी हाईकमान के साथ शुक्रवार को बैठक होगी। इसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी।
वहीं, बसपा जिलाध्यक्ष नवीन भारत ने बताया कि उनकी पार्टी के चार जिला पंचायत सदस्य चुनाव जीते हैं। संख्या कम होने के कारण पार्टी चुनाव नहीं लड़ा रही है। पार्टी के सदस्यों से कहा गया है वे अपने विवेक से किसी को भी वोट कर सकते हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने बताया सपा को छोड़कर बाकी सभी पार्टियों के सदस्य उनके संपर्क में हैं। 26 सदस्य भाजपा के साथ हैं। इस बार जिला पंचायत का चुनाव हम लोग जीतेंगे। प्रत्याशी की घोषणा प्रदेश संगठन जल्द करेगी। सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के दो सदस्यों को थाने में बैठाया गया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव पुलिस लड़ रही है। 14 सदस्य लखनऊ में मेरे साथ हैं। यहां पार्टी की रणनीति तय होगी। दो सदस्य दर्शन यादव और ललित यादव लखनऊ आ रहे थे लेकिन उन्हें पुलिस ने रोक लिया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए नामांकन फार्म 750 में मिलेगा
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव के लिए नामांकन फार्म की कीमत 1500 रुपये है। चूंकि बनारस में ओबीसी महिला सीट है। इस नाते आरक्षित वर्ग के लिए फार्म का मूल्य आधा होता है। इसकी कीमत 750 रुपये है। जमानत राशि भी आधी लगेगी। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा ने बताया कि सामान्य के लिए आयोग ने 10 हजार रुपये जमानत राशि का प्राविधान किया है। आरक्षित वर्ग के लिए 5000 रुपये जमानत राशि है।