जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: वाराणसी में भाजपा प्रत्याशी पूनम मौर्या निर्विरोध निर्वाचित, सपा प्रत्याशी का पर्चा हो गया था खारिज
नामांकन वाले दिन ही पूनम मौर्या का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया था। सपा प्रत्याशी चंदा यादव का नामांकन खारिज हो गया था। नामांकन पत्रों की जांच में पाया गया था कि शपथ पत्र में नोटरी का रिन्यूवल नहीं हुआ है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी में जिला पंचायत अध्यक्ष पद भाजपा प्रत्याशी पूनम मौर्या निर्विरोध निर्वाचित हुईं। नाम वापसी के लिए तीन बजे तक का समय था। मंगलवार को जिला रायफल क्लब में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण पत्र दिया। नामांकन वाले दिन ही पूनम मौर्या का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया था। केवल औपचारिकता मात्र बची थी।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा की पूनम मौर्या और सपा की चंदा यादव ने नामांकन किया था। नामांकन पत्रों की जांच में सपा प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने के साथ ही पूनम का निर्विरोध निर्वाचन तय था। चूंकि आयोग के नियमानुसार नाम वापसी का समय बीतने के बाद ही किसी को जीत का प्रमाण पत्र दिया जाता है। मंगलवार को तीन बजे के बाद प्रमाण पत्र दिया गया। इस मौके पर भाजपा एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, विधायक अवधेश सिंह, सुरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, जितेंद्र सिंह, प्रवीण सिंह, देवेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। उधर, जिला पंचायत में नए अध्यक्ष के स्वागत की तैयारी शुरू हो गई है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा ने बताया कि शपथ ग्रहण की तारीख आने के बाद ही सदन की बैठक होती है। तीन जुलाई के बाद तारीख की घोषणा की जाएगी।
नए अध्यक्ष के लिए ये होंगी चुनौतियां
- सबसे अधिक चुनौती अपूर्ण कार्यों को पूरा कराना होगा।
- ठेकेदारों के कार्यों के बकाया धनराशि को जारी करना।
- मजबूत विपक्ष के रूप में सपा, कांग्रेस, बसपा के सदस्य होंगे।
बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सपा प्रत्याशी चंदा यादव का नामांकन खारिज हो गया था। नामांकन पत्रों की जांच में पाया गया था कि शपथ पत्र में नोटरी का रिन्यूवल नहीं हुआ है। इसकी सूचना राज्य निर्वाचन आयोग को भी भेज दी गई। आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सपा प्रत्याशी के दो सेट में किए गए पर्चें को खारिज किया गया था।