बीएचयू में बना डिजास्टर वार्ड: आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत मिलेगा पूरी सुविधाओं के साथ इलाज, बड़ी घटनाओं से निपटने को तैयार
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वाराणसी में बड़ी घटनाओं के तुरंत इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में दस बेड का डिजास्टर वार्ड बनकर तैयार हो गया है। इससे आपात स्थिति में लोगों को जल्दी इलाज मिल सके। वार्ड में हर बेड तक ऑक्सीजन सहित गंभीर मरीजों के इलाज की सभी सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा इमरजेंसी में रेड जोन में 12 बेड बढ़ाए गए हैं। अन्य मरीजों की सुविधाओं के लिए 20 बेड का डे केयर वार्ड भी बनाया गया है, जहां हड्डी में मामूली चोट, प्लास्टिक सर्जरी सहित अन्य मरीज भर्ती होंगे। गांधी जयंती के मौके पर प्रभारी कुलपति प्रो. वीके शुक्ला ने इन सुविधाओं का उद्घाटन किया।
बीएचयू ट्रामा सेंटर में केवल वाराणसी ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों, बिहार, झारखंड तक के मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत होगी। शनिवार को आईएमएस निदेशक प्रो. बीआर मित्तल, बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता, अपर निदेशक/सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने डे केयर वार्ड, ट्रायज एरिया, पोस्ट आपरेटिव वार्ड का दौरा कर सुविधाओं की जानकारी ली।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि अब तक इमरजेंसी के रेड जोन में केवल चार बेड ही थे, जिसे बढ़ाकर 16 कर दिया गया है। दस बेड वाले डिजास्टर वार्ड में पोर्टेबल वेंटिलेटर, बेड साइड रेडियोलॉजी आदि की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा रेजिडेंट डांक्टरों के शिक्षण के लिए ई लर्निंग कांफ्रेंस हाल की भी शुरूआत की गई है।
भविष्य में इन सुविधाओं का होगा विस्तार
डिजिटल सब्सट्रेक्शन एंजियोग्राफी सहित अन्य सुविधाओं से युक्त चार ऑपरेशन थिएटर।
लावारिस मरीजों या शवों की पहचान के लिए यूआईडीएआई सिस्टम का संचालन।
वुंड मैनेजमेंट(घाव प्रबंधन) के लिए हाइपरबेरिक आक्सीजन चेम्बर की स्थापना।
हार्ट एवं लंग्स फेल्योर मरीजों के बेहतर इलाज के लिए ईसीएमओ मशीन की स्थापना।
पोर्टेबल कम्प्युटेड टोमोग्रॉफी मशीन की स्थापना।