परेशानी ऐसी कि घर बेचना मजबूरी: 25 लोगों ने लगाया 'मकान बिकाऊ है' का पोस्टर, बच्चों का स्कूल जाना बंद; चेतावनी
जलजमाव से परेशान 25 परिवारों ने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के गांव में प्रवेश पर रोक की चेतावनी दी। उनका कहना है कि जलभराव के कारण घर तक वाहन नहीं पहुंचते और बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। ग्रामीणों ने समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।
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अहरौला के विकासखंड के मतलूबपुर ग्राम सभा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, इस गांव के 25 घरों पर मकान बिकाऊ है कि पोस्टर चस्पा किए गए हैं। जिसे सुनकर लोग यह जानने पहुंच रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि लोग अपने घर पर मकान बिकाऊ है का पोस्टर लगा रखे हैं।
शनिवार को ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं का निर्णय लेकर विरोध प्रदर्शन किया और क्षेत्र के सांसद विधायक, जनप्रतिनिधियों को यह चेतावनी दी कि अगर कोई जनप्रतिनिधि इस कस्बे में प्रवेश करता है तो उसकी खैर नहीं होगी। कस्बे के हर प्रवेश द्वार पर रोड नहीं तो वोट नहीं और जनप्रतिनिधियों सांसद विधायक प्रवेश वर्जित है का बोर्ड लगाने का भी निर्णय ग्रामीणों ने लिया।
बताते चलें कि मतलूबपुर में थाने के पीछे से जाने वाले रास्ते में बीते कई वर्षों से जल निकासी के लिए नाली का का विवाद चल रहा है। कई बार राजस्व टीम और पुलिस प्रशासन विवादित स्थल पर गया लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि शासन प्रशासन की लापरवाही से निस्तारण नहीं हो सका।
कस्बे के कई लोगों ने सैकड़ों बार आइजीआरएस, मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री, जिला अधिकारी से लेकर कमिश्नर तक गुहार लगाई, लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हो पाया। इसका परिणाम है कि गांव में जाने वाला रास्ता पानी और कीचड़ से सना है। जिसे लेकर ग्रामीण आक्रोशित हैं। इससे आजिज आकर ग्रामीणों ने अपने घरों पर मकान बिकाऊ है के पोस्टर भी लगा दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि घरों से निकलने वाला व बरसात का पानी रास्ते पर आधा फीट भरा हुआ है। पानी से पूरी तरह से दुर्गंध आ रही है और लोगों को संक्रामक बीमारियों का डर सता रहा है। महिलाओं का कहना है कि उनके घरों के छोटे-छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बुजुर्गों, दिव्यागों का निकलना घर से मुश्किल हो रहा है।
घरों में दुर्गंध के कारण भोजन करना मुश्किल है। सबसे बड़ी तो समस्या यह है कि इस कस्बे में युवकों और युवतियों का विवाह भी रुका है। महिला ने बताया कि यहां लोग अपनी बेटी का विवाह भी नहीं करना चाह रहे हैं। लोगों की फोर व्हीलर गाड़ियां जो बाहर सड़क पर खड़ी होती हैं उनकी कई किस्त चालान हो गयी। क्योंकि गाड़ियां घर तक भी पहुंच नहीं पा रही। इसके कारण मजबूर होकर हमें यह कदम उठाना पड़ा है।