डिजिटल इंडिया अभियान: पीएम मोदी ने की वाराणसी की अनुपमा दुबे से बात, पूछा- सॉफ्टवेयर से काम कितना हुआ आसान?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी की परंपरा की भांति हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ उनका अभिवादन किया। पीएम मोदी ने अनुपमा से पूछा कि पहले मैनुअली अब डिजिटल इंडिया के तहत सॉफ्टवेयर के आने से उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों में कितना बदलाव आया है?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डिजिटल इंडिया अभियान के छह वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाभार्थियों के साथ बातचीत की। इसी क्रम में उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी की अनुपमा दुबे से भी बात की। अनुपमा के द्वारा डिज़ी बुनाई सॉफ्टवेयर के माध्यम से किए जा रहे कार्यों के संबंध में उनके अनुभवों की जानकारी ली।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी की परंपरा की भांति हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ उनका अभिवादन किया। पीएम मोदी ने अनुपमा से पूछा कि पहले मैनुअली अब डिजिटल इंडिया के तहत सॉफ्टवेयर के आने से उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों में कितना बदलाव आया है?
अनुपमा ने पूरे उत्साह के साथ प्रधानमंत्री का अभिवादन करते हुए बताया कि पहले मैनुअली कार्य करने के दौरान बनारसी साड़ी पर काम करने में 4 से 5 दिन लगते थे, लेकिन डिजिटल इंडिया के तहत डिज़ी बुनाई सॉफ्टवेयर से एक दिन से भी कम समय में यह कार्य पूरा हो जाता हैं।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के कोने कोने से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े डिजिटल इंडिया के विभिन्न प्लेटफार्म से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑनलाइन शिक्षा से लेकर चिकित्सा तक के लिए विकसित किए गए प्लेटफॉर्म से करोड़ों भारतीयों को फायदा हो रहा है।
कौन है अनुपमा
बनारस के बाबतपुर क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव की रहने वाली अनुपमा दुबे से पीएम ने संवाद किया। प्रधानमंत्री ने हर हर महादेव के संबोधन के बाद अनुपमा से उनके द्वारा किये गए डीजी बुनाई के बारे में पूछा। जिसपर अनुपमा ने बताया कि उन्होंने डिजिटल इंडिया के तहत डीजी बुनाई के लिए तीन माह की ट्रेनिंग की। जिसने उनकी जिंदगी को बदल कर रख दिया। बताया कि पेन टैबलेट के माध्यम से डिजाइन बनाकर उसका प्रिंट आउट निकलने के बाद उसे साड़ी, दुपट्टा, स्ट्रॉल, मास्क आदि पर कपड़े के प्रिंटिंग मशीन से आसानी से प्रिंट कर लेती हैं।
एक साड़ी बनाने में तीन से 3.50 हजार का खर्च आता है। जिसे हुनर बनारस के एप या पोर्टल के माध्यम से सेल किया जाता है। अनुपमा ने बताया कि एक साड़ी से उन्हें 500 रूपरे व सूट से 300 रुपये की आमदनी हो रही है। अंत मे प्रधानमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं दी और उनके उज्वल भविष्य की कामना की। अनुपमा में भी उनका हृदय से धन्यवाद किया। इस दौरान अनुपमा के अलावा यासमीन बनो और दीक्षा सिंह भी मौजूद रहीं। जो इस हुनर के माध्यम से लाभ प्राप्त कर रही हैं।