सारनाथ में शांति स्तूप की प्राण प्रतिष्ठा शुरू, श्रीलंका-तिब्बत की कला का मिलेगा तालमेल
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वास्तुविद देवनारायण पुजारी ने बताया कि सारनाथ में यह अपनी तरह का इकलौता स्तूप है, जिसमें श्रीलंका और तिब्बत की कलाओं का समन्वय देखने को मिलेगा।
धर्म चक्र प्रवर्तन शांति स्तूप मैसूर की पालेना कृष्णन नाथन ने 2015 में इसका निर्माण शुरू करवाया था। इसे बनने में 4 साल लग गए। प्राण प्रतिष्ठा का निर्देशन नेपाल से आए तिब्बतियन निगमा समुदाय के खेनम्पो नामडोर्ल रिनपोछे ने किया।
मंत्रोच्चारण के साथ मनाया जापानी बौद्ध मंदिर का वार्षिकोत्सव
धर्मचक्र इंडो-जापान बुद्धिस्ट कल्चरल सोसायटी की ओर से 738वां ओएशिकी पर्व रविवार को मनाया गया। रविवार को जापानी बौद्ध मंदिर का 27 वां एवं विश्व शांति स्तूप का दसवां वार्षिकोत्सव भी जापानी मंत्रोच्चारण के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ रविवार सुबह 9:30 बजे विश्व शांति स्तूप परिसर में भगवान बुद्ध की प्रतिमा के सामने भिक्षुणी ताजिमा के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. जम्पा समतेन, सोसायटी की अध्यक्ष भिक्षुणी नागा कुलो, नारा मुरा, खुराता, संतोष, कलजंग नोरबू एवं अन्य बौद्ध मठों के भिक्षु शामिल हुए।