Dhanteras 2022: काशी में अन्न-धन की देवी का सज गया दरबार, 80 कारीगर तैयार कर रहे 170 क्विंटल प्रसाद
अन्न-धन, सुख-समृद्धि की कामना से काशी में विराजमान माता अन्नपूर्णा के चार दिवसीय उत्सव की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। माता का दरबार सज चुका है।
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शिव की नगरी काशी में स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का दरबार रंगीन रोशनी से जगमग हो उठा है। माता के अन्नकूट प्रसाद की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं और इस बार माता को 170 क्विंटल प्रसाद का भोग अर्पित किया जाएगा। तीन पीढ़ियों से माता का प्रसाद तैयार कर रहे 80 कारीगरों की टोली अन्नकूट का प्रसाद तैयार करने में लगी हुई है।
दशहरा से ही अन्नपूर्णा दरबार में प्रसाद का निर्माण अनवरत चल रहा है। शुक्रवार को माता अन्नपूर्णा के दरबार में अन्नकूट के भोग की तैयारियां जोर शोर से चल रही थीं। इस बार मंदिर की ओर से 170 क्विंटल प्रसाद तैयार कराया जा रहा है जो कि पिछले साल के मुकाबले दो गुना है। प्रसाद में सबसे खास सूरन का लड्डू, 40 प्रकार की मिठाईयां और 16 प्रकार की नमकीन तैयार हो रही है।
मिठाई से बना शिवलिंग आकर्षण का केंद्र
अन्नकूट की झांकी में मिठाई से बना शिवलिंग आकर्षण का केंद्र होगा। अन्नकूट की झांकी दर्शन भी श्रद्धालुओं को मिलेगा। महंत शंकर पुरी महाराज ने बताया कि माता के अन्नकूट प्रसाद का विशेष महत्व है। अन्नकूट के दिन देश भर से श्रद्धालु माता के अन्नकूट की झांकी के दर्शन के लिए आते हैं।
श्री स्वामी नारायण मंदिर के इतिहास में पहली बार अन्नकूट महोत्सव स्थगित
गुजराती समाज के श्री स्वामी नारायण मंदिर में होने वाले अन्नकूट महोत्सव पर सूर्यग्रहण की छाया लग गई है। मंदिर के इतिहास में पहली बार अन्नकूट महोत्सव नहीं होगा। दीपावली के दूसरे दिन मछोदरी स्थित मंदिर में सभी आयोजन को स्थगित कर दिया गया है।
महंत स्वामी प्रेम स्वरूप दास ने बताया कि इस बार 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण लगने से अन्नकूट और भंडारा नहीं लगेगा। ग्रहण में भोग के सभी सामान अशुद्ध हो जाते हैं और इससे भगवान को चढ़ाया जाने वाला छप्पन भोग बनाने से दोष पड़ता है। शास्त्र सम्मत है कि ग्रहण काल में पूजन-अर्चन एवं राग-भोग आदि धार्मिक कृत्य नहीं करना चाहिए। मंदिर में 22 अक्तूबर को शाम छह बजे से धनतेरस पूजन धार्मिक परंपरानुसार होगा।
देव विग्रहों के शृंगार के बाद भोग प्रसाद अर्पित कर आरती उतारी जाएगी। भक्तों में खजाना व प्रसाद भी वितरित किया जाएगा। 24 अक्तूबर को दीपावली पूजन मंदिर की परंपरा के अनुरूप किया जाएगा। दोनों दिन के विशेष पूजन से पहले मंदिर परिसर को सजाने का काम पूरा हो चुका है। 26 अक्तूबर को मंदिर प्रांगण में भंडारे का आयोजन किया गया है।
मां अन्नपूर्णा के दरबार में 36 घंटे पहले लगी श्रद्धालुओं की कतार
मां अन्नपूर्णा के दरबार में दर्शन पूजन और खजाना पाने के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। आस्था का आलम यह है कि 36 घंटे पहले ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु बैरिकेडिंग में कतारबद्ध होने लगे हैं। एडीएम सिटी ने भी शुक्रवार शाम धनतेरस पर होने वाले दर्शन पूजन की तैयारियों का जायजा लिया। शुक्रवार शाम स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए बांसफाटक रोड पर लगी बैरिकेडिंग में श्रद्धालु कतारबद्ध होने लगे।
अधिकारियों ने जब बताया कि 22 को नहीं 23 अक्तूबर को माता के दर्शन होंगे तो श्रद्धालुओं का जवाब था कि अब तो आ गए हैं और अब दर्शन करने के बाद ही जाएंगे। महंत शंकर पुरी ने बताया कि 23 अक्तूबर को भोर में चार बजे से माता अन्नपूर्णा के दर्शन पूजन का सिलसिला आरंभ होगा जो 26 अक्तूबर तक चलेगा। 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण के कारण दो बजे से शाम 7.30 बजे तक साढ़े पांच घंटे मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।