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72 करोड़ से होगा सारनाथ में विकास कार्य
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सारनाथ के चतुर्मुखी विकास कर पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। 72 करोड़ से सारनाथ में बुनियादी सुविधाओं का विकास करने पर खर्च किया जाएगा। इस प्रस्तावित विकास कार्य की समीक्षा बैठक राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ की।
इस दौरान सारनाथ क्षेत्र के चतुर्मुखी और पर्यटन विकास के लिए 72 करोड़ के डीपीआर का प्रजेंटेशन देखा। प्रेजेंटेशन के दौरान राज्यमंत्री ने सारंग नाथ मंदिर के चारों तरफ पत्थर लगाने, सारंगनाथ तालाब में फव्वारा लगाने के साथ-साथ मंदिर क्षेत्र में फसाड लाइट लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने सारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की योजना बनाने का निर्देश दिया। सारनाथ क्षेत्र के सभी मंदिरों को सीवर लाइन एवं डब्ल्यूटीपी से जोड़ने का निर्देश दिया। सारनाथ में डब्ल्यूटीपी के सटे लगभग 100 एकड़ नजूल की उपलब्ध भूमि पर पिकनिक के लिए पार्क और वाटर पार्क की संभावना तलाशने का निर्देश दिया। उन्होंने वरुणापार क्षेत्र के 52 हजार मकानों में 32 टंकियां बनाकर पेयजलापूर्ति सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण ईशा दुहन, नगर आयुक्त प्रणय सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहित जल निगम, जल संस्थान, डूडा, पर्यटन आदि विभागों के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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इस दौरान सारनाथ क्षेत्र के चतुर्मुखी और पर्यटन विकास के लिए 72 करोड़ के डीपीआर का प्रजेंटेशन देखा। प्रेजेंटेशन के दौरान राज्यमंत्री ने सारंग नाथ मंदिर के चारों तरफ पत्थर लगाने, सारंगनाथ तालाब में फव्वारा लगाने के साथ-साथ मंदिर क्षेत्र में फसाड लाइट लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने सारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की योजना बनाने का निर्देश दिया। सारनाथ क्षेत्र के सभी मंदिरों को सीवर लाइन एवं डब्ल्यूटीपी से जोड़ने का निर्देश दिया। सारनाथ में डब्ल्यूटीपी के सटे लगभग 100 एकड़ नजूल की उपलब्ध भूमि पर पिकनिक के लिए पार्क और वाटर पार्क की संभावना तलाशने का निर्देश दिया। उन्होंने वरुणापार क्षेत्र के 52 हजार मकानों में 32 टंकियां बनाकर पेयजलापूर्ति सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण ईशा दुहन, नगर आयुक्त प्रणय सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहित जल निगम, जल संस्थान, डूडा, पर्यटन आदि विभागों के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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