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काशी की धरा रचेगी दीपों का तारामंडल, देवदीपावली पर घाटों से चौराहों-तिराहों और घरों तक जलेंगे दीप
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 04 Nov 2017 01:00 PM IST
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देव दीवाली
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काशी में शनिवार की शाम देवलोक उतरेगा। पूनम की चांदनी के बीच उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर दीपमालाओं की शृंखला सजेगी। घाटों, मढ़ियों, सीढ़ियों पर कहीं स्वच्छता अभियान तो कहीं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दीपों की अल्पनाओं के जरिए दिया जाएगा।
इसके लिए दशाश्वमेध घाट पर शुक्रवार की शाम इंडिया गेट की रिप्लिका तैयार कर ली गई। यहां सेना के अफसर कारगिल के शहीदों की याद में अमर जवान ज्योति जलाकर पुष्परीथ अर्पित करेंगे। उधर, शीतला घाट पर सौ फीट लंबे पैंटून के भव्य मंच को अंतिम रूप दे दिया गया।
अस्सी से राजघाट के बीच जगह-जगह संगीतमय महोत्सवों की रूपरेखा तैयार की गई है। सौ कुंतल से अधिक गेंदा, गुलाब, बेला के फूलों के वंदनवारों से महलों, घाटों, बजड़ों और मंचों को सजाने का काम रात तक अंतिम दौर में पहुंच गया।
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देव दीपावली पर अस्सी से राजघाट और संत रविदास घाट से विश्व सुंदरी पुल के बीच करीब सौ से अधिक घाटों पर दीप महोत्सव की छटा बिखेरगी। इसके लिए घाट समितियों को जिम्मेदारी दी गई है। राजनीति, कला, संगीत के अलावा उद्योग जगत की हस्तियां इस महोत्सव के नजारे की साक्षी बनेंगी।
देश के कोने-कोने से विदेशी सैलानी देव दीपावली की छटा निहारने के लिए काशी पहुंच गए हैं। गंगा सेवा निधि की ओर से सौ फुट लंबे पैंटून के मंच पर ठुमरी गायिका पद्मश्री सोमा घोष दादरा, ठुमरी से समा बांधेंगी। यहां तीन शहीदों को भगीरथ शौर्य सम्मान से नवाजा जाएगा।
महोत्सव को यादगार बनाने के लिए आरती स्थल की मढ़ियों के अलावा घाटों को गेंदा की मालाओं से सजा दिया गया है। दशाश्वमेध और शीतला घाटों पर 42-42 देव कन्याएं चंवर डुलाएंगी और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बटुक गंगा की महाआरती करेंगे।
अस्सी घाट, तुलसी घाट, हनुमान घाट, शिवाला घाट, राजा घाट, मान सरोवर घाट, अहिल्या बाई घाट, पांडेय घाट, केदार घाट, मान मंदिर घाट, ललिता घाट, रामघाट, पंचगंगा घाट के अलावा राजघाट पर दीपोत्सव की छटा देखते बनेगी।
तुलसी घाट पर देव दीपावली महोत्सव ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी के नाम समर्पित होगी। इसके लिए गिरिजा देवी की 51 फीट ऊंची प्रतिमा को बीएचयू दृश्य कला संकाय और आनंद वन समूह के चित्रकारों ने मिलकर अंतिम रूप दे दिया है।
21 हजार दीपों से अप्पा को नमन किया जाएगा। पद्मभूषण पं. साजन मिश्र के पुत्र स्वरांश मिश्र स्वरांजलि देंगे। पद्मश्री मालिनी अवस्थी भी अप्पा को तुलसी घाट पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी।
इसके लिए दशाश्वमेध घाट पर शुक्रवार की शाम इंडिया गेट की रिप्लिका तैयार कर ली गई। यहां सेना के अफसर कारगिल के शहीदों की याद में अमर जवान ज्योति जलाकर पुष्परीथ अर्पित करेंगे। उधर, शीतला घाट पर सौ फीट लंबे पैंटून के भव्य मंच को अंतिम रूप दे दिया गया।
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अस्सी से राजघाट के बीच जगह-जगह संगीतमय महोत्सवों की रूपरेखा तैयार की गई है। सौ कुंतल से अधिक गेंदा, गुलाब, बेला के फूलों के वंदनवारों से महलों, घाटों, बजड़ों और मंचों को सजाने का काम रात तक अंतिम दौर में पहुंच गया।
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देव दीपावली पर अस्सी से राजघाट और संत रविदास घाट से विश्व सुंदरी पुल के बीच करीब सौ से अधिक घाटों पर दीप महोत्सव की छटा बिखेरगी। इसके लिए घाट समितियों को जिम्मेदारी दी गई है। राजनीति, कला, संगीत के अलावा उद्योग जगत की हस्तियां इस महोत्सव के नजारे की साक्षी बनेंगी।
देश के कोने-कोने से विदेशी सैलानी देव दीपावली की छटा निहारने के लिए काशी पहुंच गए हैं। गंगा सेवा निधि की ओर से सौ फुट लंबे पैंटून के मंच पर ठुमरी गायिका पद्मश्री सोमा घोष दादरा, ठुमरी से समा बांधेंगी। यहां तीन शहीदों को भगीरथ शौर्य सम्मान से नवाजा जाएगा।
महोत्सव को यादगार बनाने के लिए आरती स्थल की मढ़ियों के अलावा घाटों को गेंदा की मालाओं से सजा दिया गया है। दशाश्वमेध और शीतला घाटों पर 42-42 देव कन्याएं चंवर डुलाएंगी और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बटुक गंगा की महाआरती करेंगे।
अस्सी घाट, तुलसी घाट, हनुमान घाट, शिवाला घाट, राजा घाट, मान सरोवर घाट, अहिल्या बाई घाट, पांडेय घाट, केदार घाट, मान मंदिर घाट, ललिता घाट, रामघाट, पंचगंगा घाट के अलावा राजघाट पर दीपोत्सव की छटा देखते बनेगी।
तुलसी घाट पर देव दीपावली महोत्सव ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी के नाम समर्पित होगी। इसके लिए गिरिजा देवी की 51 फीट ऊंची प्रतिमा को बीएचयू दृश्य कला संकाय और आनंद वन समूह के चित्रकारों ने मिलकर अंतिम रूप दे दिया है।
21 हजार दीपों से अप्पा को नमन किया जाएगा। पद्मभूषण पं. साजन मिश्र के पुत्र स्वरांश मिश्र स्वरांजलि देंगे। पद्मश्री मालिनी अवस्थी भी अप्पा को तुलसी घाट पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी।
नावों पर क्षमता से अधिक लोगों को न बैठाएं
नाव
सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी ने शुक्रवार को दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस चौकी पर नाविकों के साथ बैठक की। नाविकों से कहा गया कि वह देव दीपावली पर क्षमता से अधिक लोगों को नाव पर न बैठाएं। नाव में ट्यूब, रस्सा आदि जीवन रक्षक उपकरण मौजूद हों।
हर नाव में कुशल नाविक रहेंगे और वह किसी भी हाल में नाव को बीच धारा नहीं ले जाएंगे। नाव पर मदिरा का सेवन नहीं किया जाएगा। बाढ़ राहत पीएसी भी घाट पर मौजूद रहेगी। इसके पूर्व एडीम सिटी वीरेंद्र पांडेय और एसपी सिटी दिनेश सिंह ने भी घाटों की सुरक्षा का जायजा लिया।
डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने देव दीपावली पर 13 मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई है। ये मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद घाट, शीतला घाट, दशाश्वेध घाट, अस्सी घाट, केदार घाट, पंचगंगा घाट एवं आसपास के क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों के साथ व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
वहीं डेढ़ हजार पुलिससकर्मी चप्पे चप्पे पर नजर रखेंगे। जल पुलिस, पीएसी और एनडीआरएफ के जवान भी मौजूद रहेंगे। नावों-बजड़ों का किराया आसमान छूने लगा है।
देव दीपावली पर शुक्रवार को दो-दो लाख रुपये में भी बजड़ों की बुकिंग हुई। नावें खाली नहीं हैं। छोटी, मझोली और बड़ी नावों को मिलाकर चार हजार से अधिक नावों के झुंड देव दीपावली महोत्सव में घाटों पर इतराएंगे।
हर नाव में कुशल नाविक रहेंगे और वह किसी भी हाल में नाव को बीच धारा नहीं ले जाएंगे। नाव पर मदिरा का सेवन नहीं किया जाएगा। बाढ़ राहत पीएसी भी घाट पर मौजूद रहेगी। इसके पूर्व एडीम सिटी वीरेंद्र पांडेय और एसपी सिटी दिनेश सिंह ने भी घाटों की सुरक्षा का जायजा लिया।
डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने देव दीपावली पर 13 मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई है। ये मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद घाट, शीतला घाट, दशाश्वेध घाट, अस्सी घाट, केदार घाट, पंचगंगा घाट एवं आसपास के क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों के साथ व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
वहीं डेढ़ हजार पुलिससकर्मी चप्पे चप्पे पर नजर रखेंगे। जल पुलिस, पीएसी और एनडीआरएफ के जवान भी मौजूद रहेंगे। नावों-बजड़ों का किराया आसमान छूने लगा है।
देव दीपावली पर शुक्रवार को दो-दो लाख रुपये में भी बजड़ों की बुकिंग हुई। नावें खाली नहीं हैं। छोटी, मझोली और बड़ी नावों को मिलाकर चार हजार से अधिक नावों के झुंड देव दीपावली महोत्सव में घाटों पर इतराएंगे।